मोरना (मुजफ्फरनगर)। ककरौली थाना क्षेत्र के ग्राम खाईखेड़ा में दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के ग्राम प्रधान शहजाद मुखिया, उनकी पत्नी और भतीजे पर कथित तौर पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस दबंगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने ग्राम प्रधान को पुलिस का मुखबिर बताते हुए मारपीट की और बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी के साथ अभद्रता करते हुए उनके कपड़े तक फाड़ दिए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित प्रधान ने तहसील जानसठ पहुंचकर अधिकारियों से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

पीड़ित ग्राम प्रधान शहजाद मुखिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार सुबह गांव का एक युवक किसी मामले में बाहरी जनपद की पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। उनका कहना है कि इस कार्रवाई की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने पुलिस को किसी प्रकार की सूचना दी थी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने उन पर पुलिस को सूचना देकर युवक को गिरफ्तार कराने का आरोप लगा दिया।

प्रधान का आरोप है कि इसी रंजिश में गांव के तीन लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे। वहां उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए विवाद करने लगे। जब उन्होंने इन आरोपों का विरोध किया तो हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
शोर सुनकर प्रधान की पत्नी खैरूनिशा और उनके भतीजे मशहूर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव का प्रयास किया। आरोप है कि हमलावरों ने दोनों के साथ भी मारपीट की। प्रधान ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घबरा गईं और बेहोश होकर गिर पड़ीं।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। ग्रामीणों ने घायल परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी।
घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सोमवार को ग्राम प्रधान अपने समर्थकों के साथ तहसील जानसठ पहुंचे और अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी भोपा लक्ष्मण सिंह वर्मा ने बताया कि घटना पुलिस के संज्ञान में है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

