मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। धार्मिक यात्रा से लौट रहे कस्बे के प्रसिद्ध भूमिया मंदिर के महंत योगी श्यामनाथ महाराज के साथ बस में चोरी और विरोध करने पर मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। शातिर बदमाशों ने यात्रा के दौरान उनका बैग चोरी कर लिया, जिसमें नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और एक टैब रखा हुआ था। घटना के बाद विरोध करने पर महंत के साथ हाथापाई भी की गई। पूरी वारदात का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, भूमिया मंदिर के महंत योगी श्यामनाथ महाराज नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध देवी पाटन मंदिर के दर्शन कर बस से मेरठ होते हुए मीरापुर लौट रहे थे। इसी दौरान बस में सवार शातिर अटैची चोरों की नजर उनके बैग पर पड़ गई और मौका मिलते ही बैग चोरी कर लिया गया।

बताया गया है कि रामराज के पास बस में बैठे एक संदिग्ध युवक ने महंत से बातचीत शुरू की और उनसे पूछा कि वह कहां उतरेंगे। महंत ने बताया कि वह मीरापुर उतरेंगे, जिस पर युवक ने भी खुद को मीरापुर का ही यात्री बताया। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर महंत को उस पर शक भी हुआ, लेकिन तब तक बदमाश अपनी योजना को अंजाम दे चुके थे।
रविवार देर रात जब बस मीरापुर बाईपास पर पहुंची और महंत नीचे उतरे, तो उसी संदिग्ध युवक ने उनसे जबरन रुपये छीनने का प्रयास किया। महंत ने विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। सड़क पर दोनों के बीच काफी देर तक हाथापाई होती रही। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बना लिया। खुद को कैमरे में रिकॉर्ड होता देख आरोपी घबरा गया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद महंत योगी श्यामनाथ महाराज सीधे मीरापुर थाने पहुंचे और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस को घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया, जिसे जांच का अहम साक्ष्य माना गया।
थाना प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस ने संदिग्ध युवक की पहचान करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। उससे गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह किसी संगठित चोरी गिरोह का सदस्य है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि मामले में चोरी हुए बैग, नकदी, दस्तावेज और टैब की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

