मुजफ्फरनगर। मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित सराय चौकी के पास बने एक वाटर पार्क में रविवार को उस समय खुशियों का माहौल मातम में बदल गया, जब परिवार के साथ घूमने आए पांच वर्षीय मासूम की स्विमिंग पूल में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। कुछ ही पल पहले तक पानी में मस्ती कर रहा मासूम देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया। परिजनों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की और अस्पताल भी पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जबकि गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव सदरुद्दीन नगर मजरा निवासी कपिल कुमार, जो निजी विद्यालय में शिक्षक हैं, रविवार सुबह अपने परिवार और बच्चों के साथ सराय स्थित देव वाटर पार्क घूमने पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्य छुट्टी का आनंद लेने के उद्देश्य से वाटर पार्क आए थे। बड़े सदस्य एडल्ट स्विमिंग पूल में स्नान कर रहे थे, जबकि पांच वर्षीय चिंटू बच्चों के लिए बनाए गए पूल में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था।

बताया गया कि दोपहर से लेकर शाम तक पूरा परिवार वाटर पार्क में मौजूद रहा। इसी दौरान शाम करीब चार बजे खेलते-खेलते मासूम चिंटू बच्चों के पूल से निकलकर अनजाने में बड़ों के लिए बने लगभग चार फीट गहरे स्विमिंग पूल की ओर पहुंच गया। बच्चे की लंबाई के मुकाबले पानी अधिक गहरा होने और पैर फिसल जाने के कारण वह पानी में डूबने लगा।
कुछ ही क्षणों में आसपास मौजूद लोगों की नजर बच्चे पर पड़ी। पानी में छटपटाते मासूम को देखकर लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद परिजनों का ध्यान उसकी ओर गया। पिता कपिल कुमार और अन्य परिजन तत्काल पूल में पहुंचे और बच्चे को बाहर निकालकर बिना समय गंवाए बुढ़ाना के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद चिंटू को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में बेटे की मौत की पुष्टि होते ही पिता कपिल कुमार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने नम आंखों से बताया कि सभी बच्चे छोटे पूल में नहा रहे थे और वह स्वयं भी वहीं पास में मौजूद थे। कुछ क्षण के लिए उनकी नजर दूसरी ओर चली गई और इतने में बच्चा बड़े पूल में पहुंच गया। उन्होंने कहा कि जो भाग्य में लिखा था, वही होकर रहा।
हादसे की सूचना मिलते ही फुगाना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि परिजनों ने इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की भी इच्छा नहीं जताई। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरने की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर वाटर पार्कों और सार्वजनिक स्विमिंग पूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और बड़ों के लिए बने पूलों के बीच पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए। गहरे पानी वाले हिस्से को स्पष्ट रूप से अलग किया जाना चाहिए ताकि छोटे बच्चे वहां तक न पहुंच सकें।
लोगों का यह भी कहना है कि प्रत्येक वाटर पार्क में प्रशिक्षित लाइफगार्ड की हर समय मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा लाइफ जैकेट, रेस्क्यू ट्यूब, चेतावनी बोर्ड और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी पूरी तरह प्रभावी होनी चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तो भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
रविवार की छुट्टी परिवार के लिए खुशियों का दिन बनने वाली थी, लेकिन कुछ लम्हों की चूक ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। चिंटू की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि यह हादसा हर उस परिवार के लिए भी एक बड़ी सीख बन गया है जो बच्चों के साथ वाटर पार्क या स्विमिंग पूल में घूमने जाता है। बच्चों पर एक पल की भी लापरवाही कभी-कभी जिंदगी भर का दर्द दे जाती है।

