मानसून से पहले ही पहाड़ों पर आफत! शिमला में मलबे में दबीं गाड़ियां, कई घरों में घुसा पानी, 1-3 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी

मानसून से पहले ही पहाड़ों पर आफत! शिमला में मलबे में दबीं गाड़ियां, कई घरों में घुसा पानी, 1-3 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से पहले ही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। राजधानी शिमला में शुक्रवार शाम को हुई जोरदार बारिश का सबसे अधिक असर उपनगर ढली स्थित आशियाना कॉलोनी में देखने को मिला। यहां उफनते नाले से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गए। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया।

इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी तीन गाड़ियां मलबे की चपेट में आकर दब गईं और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। बारिश थमने के बाद स्थानीय लोगों ने खुद मलबा हटाकर वाहनों को निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचीं और सड़क से मलबा हटाने का काम जारी रहा। ढली क्षेत्र में कई घरों में पानी भी घुस गया। इससे लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया।

शिमला के मशोबरा में सबसे ज्यादा बारिश, कई क्षेत्रों में बरसे बादल

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.5 मिलीमीटर बारिश शिमला के मशोबरा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिल्लारू में 32.6 मिलीमीटर, सुजानपुर टीहरा में 18.4 मिलीमीटर, कुफरी में 15.0 मिलीमीटर, सोलन में 13.2 मिलीमीटर और बग्गी (मंडी) में 12.0 मिलीमीटर वर्षा हुई। राज्य मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार शिमला शहर में 12.6 मिलीमीटर, पालमपुर में 10.2 मिलीमीटर, नारकंडा में 4.5 मिलीमीटर, जुब्बड़हट्टी में 2.4 मिलीमीटर, भुंतर में 1.8 मिलीमीटर, मंडी में 1.0 मिलीमीटर और सुंदरनगर में 0.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की भी सूचना दी है। नेरी में 46 किलोमीटर प्रति घंटा, मशोबरा में 37 किलोमीटर प्रति घंटा और शिमला स्थित सीपीआरआई केंद्र में 26 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में सामान्य के मुकाबले हल्की गिरावट दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 8.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए जारी पूर्वानुमान में 27 से 30 जून तक प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है। हालांकि इस अवधि के लिए किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है। विभाग ने 1 जुलाई, 2 जुलाई और 3 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की है।

देर से पहुंचेगा मानसून, जुलाई की शुरुआत में दस्तक की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य समय से देर से पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है, जबकि पिछले वर्ष मानसून ने 20 जून को ही दस्तक दे दी थी। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मध्य भारत तक पहुंची हुई है और अगले तीन से चार दिनों में इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून उत्तराखंड तक पहुंच सकता है। उत्तराखंड में मानसून की प्रगति के साथ हिमाचल प्रदेश में भी इसके प्रवेश की संभावना बढ़ जाएगी।

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