ग्रेटर नोएडा जिम्स में हंगामे का हाई-वोल्टेज ड्रामा! स्थायी नौकरी की मांग पर अड़े कर्मचारी, पुलिस से धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल

ग्रेटर नोएडा जिम्स में हंगामे का हाई-वोल्टेज ड्रामा! स्थायी नौकरी की मांग पर अड़े कर्मचारी, पुलिस से धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में पिछले कई दिनों से चल रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कर्मचारियों ने पुलिस पर मारपीट, बदसलूकी और बल प्रयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कई महिला कर्मचारियों ने दावा किया है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, जिम्स में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारी 15 जून से स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से संस्थान में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है।

 

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक कर्मचारियों के धरने और हड़ताल के कारण अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों को कई बार समझाने और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया। जिला प्रशासन, पुलिस और संस्थान के अधिकारियों द्वारा धरनारत कर्मचारियों से 10 से 15 बार बातचीत की गई।

 

बुधवार को भी डीसीपी, एडीएम और अन्य अधिकारियों के साथ करीब पांच से छह घंटे तक वार्ता चली। प्रशासन के अनुसार वार्ता के दौरान कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना निर्णय बदलते हुए प्रदर्शन जारी रखा। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि प्रदर्शनकारी ओपीडी के मुख्य द्वार और मरीज पंजीकरण क्षेत्र में धरना देकर बैठ गए, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई और अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई। जिम्स प्रशासन का यह भी दावा है कि आईसीयू में तैनात कुछ नर्सिंग स्टाफ ने कार्य का बहिष्कार कर दिया, जिससे 12 गंभीर मरीजों की स्थिति प्रभावित हुई। बाद में डॉक्टरों और अन्य नर्सिंग कर्मियों ने मरीजों की देखभाल संभाली।

 

 

वहीं, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जबरन हटाने के दौरान पुलिस ने धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। कई महिला कर्मचारियों ने चोट लगने की बात कही है। दूसरी ओर पुलिस ने मारपीट और लाठीचार्ज के सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के मुख्य भवन में चल रहे प्रदर्शन से चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही थीं। कर्मचारियों से केवल धरना स्थल बदलने का अनुरोध किया गया था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा विरोध और हंगामा किए जाने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शांति व्यवस्था कायम है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, जिम्स अस्पताल में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन कर्मचारियों और प्रशासन के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है।

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