बिजनौर/मुजफ्फरनगर। दहेज उत्पीड़न के एक चर्चित मामले ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मुजफ्फरनगर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत उनके परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ बहू द्वारा दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता स्वाति, पत्नी सत्यजीत और निवासी ग्राम गदनपुरा, थाना हीमपुर दीपा, जनपद बिजनौर ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी शादी 12 दिसंबर 2019 को मुजफ्फरनगर निवासी सत्यजीत के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। विवाह समारोह में उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार करीब पचास लाख रुपये खर्च किए थे और उपहार स्वरूप पर्याप्त सामान भी दिया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जाती रही।

एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही स्वाति को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पीड़िता का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर उसे अपमानित किया जाता था और परिवार के कई सदस्य उस पर दबाव बनाते थे। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का सिलसिला और बढ़ गया।
स्वाति ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में जब वह गंभीर रूप से बीमार हुई तो ससुराल पक्ष ने उसके इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं की। इसके बजाय उसे मायके भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि बीमारी के कठिन दौर में उसे सहयोग और सहानुभूति मिलने के बजाय उपेक्षा और तिरस्कार का सामना करना पड़ा।
शिकायत के अनुसार, मार्च 2026 में ससुराल पक्ष ने उससे और उसके परिवार से पच्चीस लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि इस मांग को पूरा करने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। पीड़िता के पिता द्वारा एक चेक दिए जाने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि की मांग जारी रही। स्वाति का आरोप है कि जब पूरी रकम नहीं दी गई तो उसे ससुराल में रखने से इनकार कर दिया गया और मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 19 जून 2026 को उसे किसी बहाने से ससुराल बुलाया गया। वहां पहुंचने पर पति समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की। उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। स्वाति का कहना है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही।
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, उनके पुत्र सत्यजीत, पत्नी कमलेश, बड़े पुत्र सचिन, पुत्री प्रेरणा तथा दामाद सौरभ को नामजद किया गया है। मामले में एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे का नाम सामने आने के कारण यह प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
उधर, अभी तक आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।
थाना हीमपुर दीपा पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी तथा दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

