NEET-UG पुनर्परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्काल सुनवाई से इनकार

NEET-UG पुनर्परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्काल सुनवाई से इनकार

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा, नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा को लेकर चिंता जताने वाली याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

 

न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि इस परीक्षा से जुड़ी सभी याचिकाएं पहले से ही न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा के नेतृत्व वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हैं। यह परीक्षा आगामी 21 जून को आयोजित होने जा रही है।

 

 

 

नीट परीक्षार्थियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष जब इस मुद्दे का उल्लेख किया तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “नीट से जुड़े सभी मामले न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ के पास जाएंगे। इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है।”

 

 

 

इसके बाद, एक अन्य अधिवक्ता ने लगभग 1,600 नीट परीक्षार्थियों की चिंताओं की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दलील दी कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष चल रही कार्यवाही के कारण छात्र भारी तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। वकील ने तर्क दिया कि कथित पेपर लीक की रिपोर्टों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चाओं के कारण छात्र भारी दबाव और चिंता में हैं।

 

 

 

अधिवक्ता ने 21 जून की पुनः परीक्षा के प्रवेश पत्रों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने बताया कि कुछ छात्र अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में असमर्थ हैं, जबकि कुछ अन्य को ऐसे प्रवेश पत्र मिले हैं जिनमें उन्हें मूल रूप से आवंटित केंद्रों से अलग परीक्षा केंद्र दिए गए हैं।छात्रों की आशंकाओं को दूर करने का अनुरोध करते हुए अधिवक्ता ने प्रार्थना की कि इस याचिका को कम से कम लंबित नीट मामलों के साथ जोड़ दिया जाए। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने दोहराया कि परीक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर वही पीठ विचार करेगी जो पहले से इस मामले को देख रही है।

 

 

 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब पीठ की बैठक होगी तब इन मुद्दों पर विचार किया जा सकता है। न्यायालय ने कोई भी तत्काल राहत या अलग से सुनवाई की तारीख देने से इनकार कर दिया और परीक्षार्थियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा के नेतृत्व वाली पीठ के समक्ष लंबित मामलों के साथ ही विचार के लिए छोड़ दिया।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *