नैनीताल हादसा: मेरठ के पर्यटकों की टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरी, दो महिलाओं की मौत, 26 से अधिक घायल

नैनीताल हादसा: मेरठ के पर्यटकों की टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरी, दो महिलाओं की मौत, 26 से अधिक घायल

नैनीताल/मेरठ। उत्तराखंड के नैनीताल घूमने निकले मेरठ के पर्यटकों की खुशी का सफर उस वक्त दर्दनाक हादसे में बदल गया जब कालाढूंगी मार्ग पर बुधवार देर शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। तेज रफ्तार में जा रही पर्यटकों से भरी टेंपो ट्रैवलर अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार व अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन पहाड़ी मोड़ पर पहुंचते ही अचानक संतुलन खो बैठा और पलभर में खाई में जा समाया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अंधेरा और दुर्गम इलाका होने के बावजूद राहत दल ने खाई में उतरकर एक-एक कर घायलों को बाहर निकाला।

इस दर्दनाक हादसे में मेरठ निवासी दो महिलाओं नाजरीन और फरद बेगम की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन में क्षमता से कहीं अधिक करीब 29 यात्री सवार बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। हादसे में 26 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल करीब 21 लोगों को हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की जान बचाने के प्रयास में जुटी हुई है।

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह वाहन के ब्रेक फेल होना और तीव्र ढलान व मोड़ पर चालक का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

हादसे की खबर जैसे ही मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र और मृतकों के परिजनों तक पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। घरों में मातम छा गया और परिजन रात में ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। गांव और मोहल्लों में शोक का माहौल है, हर आंख नम है।

प्रशासन द्वारा हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं और वाहन की फिटनेस, ओवरलोडिंग तथा चालक की स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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