मुज़फ़्फ़रनगर। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में अब एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। मामले में नामजद और लंबे समय से फरार चल रही आरोपी पुत्रवधू निशा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 25 जून 2026 की तारीख तय की है।

गौरतलब है कि 18 मई को रॉकी अपनी पत्नी रेणू के साथ घर से ऋषिकेश जाने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। 25 मई को उसकी गुमशुदगी सिखेड़ा थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच में पुलिस को पत्नी रेणू, सौतेला बेटा बादल और पुत्रवधू निशा पर संदेह हुआ, जिसके बाद 30 मई को हत्या के इरादे से अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता मृतक की कथित पत्नी रेणू थी। आरोप है कि उसे बागपत के बड़ौत स्थित मकान पर ले जाकर पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर रॉकी की हत्या की गई और बाद में शव को मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के कादीपुर जंगल में दफना दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेणू और उसके बेटे बादल को मुठभेड़ और दबिश के दौरान गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपी भी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने निशानदेही पर कई अहम सामान भी बरामद किए हैं।
हालांकि इस मामले में अभी तक सबसे बड़ी चुनौती मृतक का सिर बरामद न होना बनी हुई है। पुलिस ने गंगनहर क्षेत्र में कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है।
फिलहाल फरार आरोपी निशा ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल कर दी है, जिस पर 25 जून को सुनवाई होगी। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है और मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है।

