बहसूमा। अमृत उत्सव पर सी डी एस विपिन रावत के गांव तक तिरंगा यात्रा। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का बाकी यही निशा होगा। यह कहावत स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों देश पर जान निछावर करने वाले सैनिकों, शहीदों के स्मारकों पर अक्सर कही जाती है स्वर्गीय विपिन रावत देश के लिए लड़ते हुए तो शहीद नहीं हुए, लेकिन उन्होंने अपना जीवन जीते जी पूर्ण रूप से देश की रक्षा के लिए सेना को समर्पित किया और देश सेवा करते हुए ही अपने प्राणों की आहुति दी। इसलिए विपिन रावत का घर किसी स्मारक से कम नहीं है देश में मनाए जा रहे आजादी की 75 वीं वर्षगांठ “अमृत उत्सव” पर उनके घर पर तिरंगा लहराना देश के नागरिकों का कर्तव्य बनता है, देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश को स्वतंत्र रखने वाले सैनिकों स्वतंत्रता सेनानियों शहीदों को यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।देश के ऐसे ही सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों को सम्मान दिलाने वाले हरपाल सिंह राणा दिल्ली से विपिन रावत के गांव तक तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं जो कि दिल्ली के गांव कादीपुर से 13 अप्रैल शनिवार को प्रातः अलीपुर शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करके उत्तर प्रदेश होते हुए उनके गांव उत्तराखंड में समापन होगा। दिल्ली के शाहदरा, उत्तर प्रदेश के मोदीनगर, मेरठ,मोहल्ला कैलाशपुरी क़स्बा बहसूमा मेरठ, बिजनौर और उत्तराखंड में विपिन रावत के गाँव मे समापन होगी कस्बा बहसूमा में तिरंगा यात्रा का फूल मालाओं से जोर शोर से स्वागत किया गया जिसमें चैयरमैन विनोद चाहल, डा0 उदयवीर सिंह देशवाल, विनित अहलावत, मनीष अहलावत, लवी अहलावत, समस्त सभासद तथा गणमान्य व्यक्तियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया।


