150 CCTV और 25 होटलों को पुलिस ने खंगाला, श्रीकांत ने इन छह शहरों में काटी फरारी

नोएडा के सेक्टर 93-बी स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से अभद्रता करने का आरोपी कथित भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी पुलिस को चकमा देने के लिए छह शहरों में छिपता रहा। जब उसने सिम बदलकर पत्नी व वकील से संपर्क किया तो पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। फरारी के दौरान आरोपी लगातार मोबाइल, सिम व नेटवर्क से लेकर शहर बदल रहा था। मोबाइल से बात कर पहाड़ी क्षेत्र के नो नेटवर्क जोन में चला जाता था। आरोपी मेरठ में दो दिन से छिपा हुआ था। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने विभिन्न शहरों के 150 सीसीटीवी खंगाले और 25 से अधिक होटलों में दबिश दी। महिला से अभद्रता के बाद श्रीकांत का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और पुलिस पीछे लग गई तो वह सबसे पहले लखनऊ जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, लेकिन मीडिया में मामला उछला तो मेरठ चला गया। छह अगस्त को यहां से मुजफ्फरनगर होते हुए वह हरिद्वार व ऋषिकेश पहुंच गया।
श्रीकांत त्यागी गिरफ्तार

सात अगस्त को वह वापस उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुआ और मोबाइल व सिम बदल लिया। सात अगस्त को ही वह मेरठ, मुजफ्फरनगर व बागपत में रहा, लेकिन रात में मेरठ आ गया। पुलिस के पास श्रीकांत की लोकेशन की पहली फुटेज सात अगस्त को मिली थी। शाम को उसकी कार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर परतापुर इलाके में काशी टोल प्लाजा के पास सीसीटीवी में कैद हुई।

करीब 15 मिनट की दूरी पर नोएडा पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो श्रीकांत की लोकेशन परतापुर थाने के सामने से होती हुई रिठानी गांव तक मिली। इसके बाद कार मेरठ बाइपास की सुशांत सिटी के नजदीक गई। इसके बाद श्रीकांत का पता नहीं चला। श्रीकांत मेरठ में कंकरखेड़ा इलाके में श्रद्धापुरी में एक मकान में छिप कर रहा। अब पुलिस मकान मालिक व अन्य लोगों का पता लगा रही है।

सोमवार देर रात श्रीकांत ने पत्नी व वकील से संपर्क किया तो पुलिस को भनक लग गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे पुलिस पत्नी को थाने ले आई। पत्नी से करीब सात घंटे तक पूछताछ हुई और पुलिस ने मोबाइल की जांच की। इस दौरान कुछ और भी नंबर सामने आए, जिससे श्रीकांत व सहयोगी फोन कर रहे थे। इसके बाद लोकेशन के आधार पर पुलिस मेरठ पहुंची और श्रीकांत को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद श्रीकांत को मेरठ के परतापुर थाने में लाया गया। यहां से उसे नोएडा पुलिस अपने साथ ले आई।
श्रीकांत पुलिस को चकमा देते हुए वकील के माध्यम से अदालत में आत्मसमर्पण की तैयारी में जुटा था। नोएडा कमिश्नरेट में तैनात एसीपी पीपी सिंह व अन्य अधिकारी वकीलों के संपर्क में थे। वकील चाहते थे कि श्रीकांत कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दे, लेकिन नोएडा पुलिस हर कीमत पर गिरफ्तार करना चाहती थी। चर्चा है कि एसीपी के परिचित के माध्यम से नोएडा पुलिस मेरठ के श्रद्धापुरी के मकान तक पहुंच गई, जहां श्रीकांत छिपा था।
फरारी के दौरान श्रीकांत की कई लोगों ने मदद की। सबसे पहले उसका चालक राहुल अपने साथ घटना के दिन ही ले गया। इसके बाद नकुल त्यागी व संजय ने मदद की। कई रसूखदार लोगों ने भी उसे भागने व छिपने में सहायता की। इसमें कई लोग सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस कारण पुलिस भी ऐसे शरण देने वाले लोगों के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बोल रही है।

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