मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना नगर पालिक निगम के महापौर पद पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच है, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी मुकाबले में शामिल होने के लिये प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।
कांग्रेस ने पूर्व सांसद बाबूलाल सोलंकी के लघुभ्रता राजेन्द्र सोलंकी की पत्नी सारदा सोलंकी को अपना प्रत्यासी बनाया है वहीं भाजपा ने रास्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश जाटव की पत्नी मीना जाटव को महापौर पद के लिये चुनावी मैदान में उतारा है। बसपा ने ममता मोर्य जबकि आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। साथ ही दो निर्दलीय प्रत्याशी भी अपना भाग्य आजमा रहीं हैं।
अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिये आरक्षित मुरैना महापौर की सीट पर केंद्रीय कृषि मंत्री और स्थानीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर है। श्री तोमर और श्री वीडी शर्मा का गृह जिला है। वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने भी इस सीट को जीतने के लिये अपनी पूरी ताकत लगा दी है। अभी तक यह नहीं कहा जा सकता कि महापौर पद किस पार्टी के खाते में जायेगा। मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही दिखाई दे रहा है। कांग्रेस व भाजपा ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार आठ जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ महापौर प्रत्याशी सहित 47 वार्डों के कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो कर चुके हैं। वहीं भाजपा के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन, नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा आमसभा व रोड कर जन समर्थन मांग चुके हैं। अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिये आरक्षित सीट पर एक ही वर्ग के उम्मीदवार होने के कारण उनके पचास हजार मतों पर सभी प्रत्याशियों की नजर टिकी हुई है।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने महापौर पद के साथ साथ जिले की नगरपालिका और नगर पंचायतों में भाजपा का परचम लहराने के लिये पोरसा से लेकर श्योपुर जिले में प्रचार के लिये दिन रात एक कर दिया है। नगर पालिक निगम में महापौर को चुनने के लिये ढाई लाख से अधिक मतदाता अपने मत का उपयोग कर महापौर चुनेंगे। शीर्ष नेतृत्व मतदाताओं को भरोसा दिलाने में कितना सफल होता है यह समय की गर्भ में हैं।
