लखनऊ। अग्निपथ स्कीम को लेकर तोड़फोड़, आगजनी और उपद्रव करने वाले की सूची तैयार की जा रही है। हिंसा में जिन-जिन उपद्रवियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी सूची भारतीय सेना कार्यालय को भेजी जा रही है। जिले के बॉर्डर पर भी सख्ती कर दी गई है। वाराणसी के DM कौशल राज शर्मा ने बताया कि तोड़फोड़ में हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से ही कराई जाएगी। 17 जून को वाराणसी में उपद्रवियों द्वारा 36 बसों में तोड़फोड़ की गई थी। इसमें करीब 13 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।

वहीं, आज भारत बंद, स्कीम के विरोध और हिंसा को लेकर जिलों के बॉर्डर पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों से जिले में आने का कारण भी पूछ रही है।

वाराणसी में सुबह से ही पुलिस फोर्स पैदल गश्त कर रही है। कैंट स्टेशन, रोडवेज, बनारस स्टेशन और निजी बस स्टॉप पर भी पुलिस आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रही है। उनसे यहां आने का कारण पूछ रही है। साथ ही हिंसा के संदिग्ध लोगों को जिले के बॉर्डर पर ही रोक दिया जा रहा है।
अग्निपथ स्कीम के विरोध और भारत बंद की अपील को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन मुजफ्फरनगर में अलर्ट है। हाईवे पर फोर्स तैनात की गई है। जिले में आने वाले लोगों के वाहनों की चेकिंग की जा रही है। मंसूरपुर और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर फोर्स बढ़ा दी गई है। इस बीच मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पहुंचकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने अग्निपथ स्कीम के विरोध में ज्ञापन दिया और केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।
गोरखपुर में अग्निपथ को लेकर आंदोलन का मैसेज डालने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए जेल भिजवा दिया है। वहीं पुलिस बॉर्डर पर बेलीपार सहित अन्य जगहों पर वाहनों की चेकिंग कर रही है। बेलीपार क्षेत्र के महावीर छपरा चौराहे पर पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए सुबह करीब 7 बजे से ही वाहनों की चेकिंग की। राहगीरों से कारण पूछने के बाद ही उन्हें जिले में आने दिया गया।
वाराणसी में 17 जून को हुई तोड़फोड़ के मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं। 27 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा 57 अन्य उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। इनसे 13 लाख की वसूली की जाएगी।
वाराणसी पुलिस की ओर से सेना भर्ती के कोचिंग संचालकों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। कहा गया है कि यदि हिंसा हुई, तो इनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि उपद्रवियों को उकसाने वाले कोचिंग संचालकों की पहचान की जा रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
DM कौशल राज शर्मा ने बताया कि थाना सिगरा और जैतपुरा से गाजीपुर की ग्राम सभा-पचरुखवा, रेहरी मालीपुर, जौनपुर के ग्राम- नगोली, सैदखानपुर, गोबरा, बहरीपुर, लाल मझवार, भगरी और खवाजपुरा, आजमगढ़ के ग्राम सभा रासेपुर, मऊ के ग्राम सभा कुसवू और वाराणसी के ग्राम सभा-हथियर, हजीपुर, मुढ़ादेव, देवराईदान, चोलापुर और गोसाईपुर से आने वाले लोगों को रोक दिया गया है। उनसे वाराणसी आने का कारण पूछा जा रहा है।
DM कौशल राज शर्मा ने कहा कि परिवहन निगम वाराणसी क्षेत्र और वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की कुल 36 बसों में 21 बसें कैंट और 15 बसें वर्कशॉप में थीं। हिंसा के दौरान करीब 150 उपद्रवी रोडवेज में घुसते हैं और पथराव-डंडों से वार करते हुए बसों के शीशे, हेडलाइट और सीट क्षतिग्रस्त कर दिए। 27 उपद्रवियों के नाम, फोटो, वीडियो एविडेंस सहित तैयार करा कर सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए गठित दावा प्राधिकरण प्रयागराज को भेज दिया गया है।