8 जुलाई को मीरजापुर में सीएम योगी का बड़ा एक्शन मोड! करोड़ों की परियोजनाओं का होगा रिपोर्ट कार्ड, लापरवाही पर अफसरों की ‘क्लास’ तय
The Uttar Pradesh Chief Minister, Shri Yogi Adityanath meeting the President, Shri Ram Nath Kovind, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on February 10, 2018.

8 जुलाई को मीरजापुर में सीएम योगी का बड़ा एक्शन मोड! करोड़ों की परियोजनाओं का होगा रिपोर्ट कार्ड, लापरवाही पर अफसरों की ‘क्लास’ तय

मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आठ जुलाई का दौरा विंध्याचल मंडल के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की असली परीक्षा माना जा रहा है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग की मंडल स्तरीय समीक्षा करेंगे। साथ ही ड्रीम प्रोजेक्टों की जमीनी हकीकत भी परखेंगे। ऐसे में जिन योजनाओं की रफ्तार सुस्त है या गुणवत्ता पर सवाल हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। कहीं भी लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब होने की चर्चा प्रशासनिक गलियारों में तेज है।

मुख्यमंत्री मंडलीय समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की नई और पुरानी परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, समयसीमा और खर्च का बिंदुवार लेखा-जोखा लेंगे। धरातल पर हुए कार्यों की तस्वीर भी उनके सामने होगी। यही वजह है कि विभागीय अधिकारी अब अधूरे कार्यों को गति देने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं।

विकास और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर विशेष जोर रहेगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से क्षेत्रीय राजनीतिक माहौल, सरकार की योजनाओं के प्रभाव, जनता के फीडबैक व संगठन की सक्रियता को लेकर भी जानकारी ले सकते हैं। मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता और विकास कार्यों के असर को लेकर भी मुख्यमंत्री फीडबैक ले सकते हैं। माना जा रहा है कि विकास और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं का राजनीतिक लाभ भी सुनिश्चित हो सके।

प्रशासनिक व संगठनात्मक स्तर पर बढ़ी सक्रियता

मुख्यमंत्री का फोकस अपने ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य कारिडोर, कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों पर भी रहेगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने का संदेश देने की तैयारी है। साथ ही विंध्य विश्वविद्यालय की प्रगति और आगामी शारदीय नवरात्र मेले की तैयारियों की समीक्षा भी उनके एजेंडे में शामिल रह सकती है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर अधिकारी परियोजनाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं तो दूसरी ओर भाजपा संगठन भी दौरे को लेकर सक्रिय है।

अफसरों की मैराथन तैयारी, हर काम पर पैनी नजर

मुख्यमंत्री के दौरे ने प्रशासनिक अमले की सक्रियता कई गुना बढ़ा दी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं, अधूरे कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और विभागीय स्तर पर तैयारियों की मैराथन समीक्षा चल रही है। आठ जुलाई को होने वाली मंडलीय समीक्षा बैठक विकास परियोजनाओं की रफ्तार तय करने के साथ अधिकारियों की कार्यशैली की भी बड़ी कसौटी साबित हो सकती है।

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