छिंदवाड़ा। रसोई तक पहुंचने वाले सामान की कीमत इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि उनके घर का बजट बिगडऩे लगा है। माना जा रहा है कि अनाजों में जीएसटी लागू करने के बाद से कीमतों में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन यह तथ्य निराधार है। व्यापारियों ने अनाजों में जीएसटी लागू होने का तोड़ निकाल लिया है। जीएसटी एक किलो से 25 किलो तक की पैकेजिंग में लगता है, जबकि मिलर ने पैकेजिंग 26 किलो की कर दी है। इसके बाद वे जीएसटी के दायरे से बाहर हो गए। इतवारी के एक अनाज व्यापारी ने बताया कि मिलर के पास 25 किलो की बोरी थी। इसमें उन्होंने एक किलो अनाज बढ़ाकर 26 किलो कर दिया और जीएसटी के नियम से बाहर हो गए। उसने बताया कि दाम तो बढ़े हैं, लेकिन वह उत्पादित राज्यों में ईंधन भाड़ा, उपज की उत्पादन कम होने के कारण है। व्यापारी की मानें तो दाल में 500 रुपए क्विंटल, चावल में 800 रुपए प्रति क्विंटल और कनकी में 400 रुपए क्विंटल तक का इजाफा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मिलर जीएसटी तो नहीं वसूल रहे, पर फुटकर दुकानदार उपभोक्ताओं से जीएसटी लागू होने के नाम पर अधिक दाम वसूलने लगे हैं। गेहूं के बढ़े हुए दामों ने वैसे ही उपभोक्ताओं का तेल निकाल लिया है। 26 रुपए किलो वाला आटा 33 रुपए और 33 रुपए वाला आटा 39 रुपए किलो तक पहुंच गया।
सब्जी ने भी बिगाड़ा बजट
शहर में सब्जी के दाम भी काफी बढ़ चुके हैं। आलू को छोडकऱ ज्यादातर सब्जियां 40 रुपए से 80 रुपए प्रति किलो तक बिक रही हैं। टमाटर 40 रुपए, परवल 60 रुपए, गोभी 80 रुपए किलो तक बिक रही है। सब्जियों की वैरायटी खानी है, तो एक बार में कम से कम 200 रुपए खर्च करना ही पड़ता है। सब्जी दुकानदार सूरज ने बताया कि सब्जियां बाहर से भी आती हैं। इसमें भाड़े का भी असर पड़ता है।

तेल व गैस से भी हालात बिगड़े
एक आम नागरिक के घर में हर माह गैस सिलेडंर की जरूरत पड़ती है। एक साल के दौरान दो सौ रुपए से अधिक दाम सिलेंडरों के बढ़ चुके हैं। इन दिनों 1100 रुपए का एक सिलेंडर आम नागरिकों को मिल रहा है। खाने के जिस तेल के दाम कभी 65 रुपए लीटर थे, आज 140 रुपए लीटर एवं सरसों का 90 रुपए लीटर बिकने वाला तेल दोगुने दाम 180 रुपए लीटर तक पहुंच चुका है। किराना दुकानदार सत्यम ने बताया कि लोगोंं ने अब अपनी जरूरतें कम कर ली हैं। महंगा होता किराना लेकर तो जाते हैं, पर मात्रा घटा ली है।

इनका कहना है
जुलाई में एक किलो से 25 किलो तक की पैकेजिंग में सरकार ने जीएसटी लागू किया है। यदि 26 किलो या उससे अधिक उपज है, तो उसमें जीएसटी लागू नहीं हो रही है।
