19 कश्मीरी हिंदू परिवारों को 32 साल से चंडीगढ़ में घर मिलने का इंतजार

चंडीगढ़। जम्मू-कश्मीर से नब्बे के दशक में पलायन करने वालों में से 19 कश्मीरी हिंदुओं के परिवार ऐसे भी हैं जिन्हें आज तक चंडीगढ़ में घर नहीं मिला।
यह जानकारी लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल के महासचिव एडवोकेट नवकिरण सिंह ने यहां एक प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस समय जब जम्मू-कश्मीर में हिंसा/हत्याओं के कारण कश्मीरी हिंदू संकट में हैं, एक ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने यह स्वीकार करने के बावजूद कि जम्मू-कश्मीर से पलायन कर आए 19 परिवार मकान आवंटन के पात्र हैं, कुछ ठोस नहीं किया और हाउसिंग बोर्ड और चंडीगढ़ प्रशासन एक दूसरे पर मामला धकेलते रहे हैं। एडवोकेट सिंह ने कहा कि ऐसा भी नहीं है कि मकान इन्हें कोई मुफ्त दिया जाना है। मकान बाजार दर पर ही दिया जाना है, केवल लॉटरी के बजाय सीधे आवंटित किया जाना है।
उन्होंने बताया कि एक मामले में उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 2017 में याचिका दाखिल की हुई है लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हुई है।
एडवोकेट नवकिरण सिंह के अनुसार यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है और केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को प्रभावी कदम उठाकर सुनिश्चित करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर से पलायन करने वाले लोगों को इस तरह बसाना चाहिए कि वह सम्मान के साथ कानूनी ज़रियों से अपनी आजीविका कमा सकें। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर जीवन जी सकें।

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