हमीरपुर। जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के मामले में राज्य सेतु निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेतु निगम के महाप्रबंधक (एमडी) ने सहायक अभियंता (एई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार ललपुरा और कुरारा थाना क्षेत्र के परसनी–कंडौर के बीच करीब नौ सौ मीटर लंबे इस पुल का निर्माण पिछले तीन वर्षों से चल रहा था। लगभग बानवे करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट का ठेका कानपुर की एक निजी निर्माण कंपनी को दिया गया था।

निर्माण कार्य के दौरान पुल की तेरह कोठियों का निर्माण पूरा किया जा चुका था, जबकि आठ कोठियों पर स्लैब (लॉन्च पैड) डाले जा चुके थे। चार कोठियों पर स्लैब डालने का काम तेजी से चल रहा था, इसी दौरान हाल ही में आए आंधी-तूफान के दौरान बड़ा हादसा हो गया।
तूफान के बीच निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा कोठियों सहित भरभराकर ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर कोठियों को पकड़कर कई घंटे तक फंसे रहे। सूचना मिलने पर प्रशासन ने एसडीआरएफ और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। बाद में एसडीआरएफ ने तीनों मजदूरों को सुरक्षित नीचे उतारा।
घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा था। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच के आधार पर लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता गजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य पर पहले से ही तेजी का दबाव था और परियोजना को जून महीने तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके चलते मजदूरों से दिन-रात काम कराया जा रहा था। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

