मुजफ्फरनगर। किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर बुधवार को उनकी कर्मभूमि सिसौली में श्रद्धा और सम्मान का माहौल रहा। किसान भवन में आयोजित जयंती कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, भाकियू पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग पहुंचे। सभी ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और किसानों के हितों के लिए उनके संघर्ष को याद किया।

जयंती के अवसर पर किसान भवन में कई दिनों से चल रहे अखंड पाठ साहिब का विधिवत समापन भी हुआ। सुबह से ही किसान भवन में श्रद्धालुओं और किसानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर तक जारी रहा। धार्मिक आयोजन के साथ चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के किसान आंदोलनों, किसानों को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष की चर्चा होती रही।

नरेश और राकेश टिकैत ने किया किसानों का स्वागत
कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और युवा विंग के अध्यक्ष चौधरी गौरव टिकैत मौजूद रहे। टिकैत परिवार ने किसान भवन पहुंचने वाले किसानों, अतिथियों और भाकियू कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।
इस दौरान किसानों और भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का रास्ता दिखाया। उन्होंने खेती और किसानों से जुड़े मुद्दों को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय मंच तक मजबूती से उठाया। यही कारण है कि उनकी जयंती पर हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान सिसौली पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किया नमन
संभल स्थित कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम भी किसान भवन पहुंचे और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने सिसौली की धरती को भी नमन करते हुए चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के किसान संघर्ष को याद किया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सिसौली वह धरती है, जिसने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत जैसे किसान नेता को जन्म दिया। उन्होंने अपना जीवन किसानों के हितों और अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए गुजारा। उन्होंने किसानों की समस्याओं को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें बड़े मंच पर उठाया और किसानों को अपनी आवाज मजबूती से रखने के लिए संगठित किया।
डॉ. संजीव बालियान ने भी दी श्रद्धांजलि
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने भी सिसौली पहुंचकर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसान नेता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके संघर्ष को याद किया।
डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि किसानों के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। उनके विचार और किसानों के लिए किए गए आंदोलन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने आवाज उठाई और किसानों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तराखंड के विधायक उमेश शर्मा भी पहुंचे
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा भी किसान भवन पहुंचे। उन्होंने किसान नेता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। आयोजन से जुड़े लोगों और भाकियू पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने किसान भवन में मौजूद किसानों और भाकियू नेताओं से मुलाकात कर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के किसान आंदोलनों और योगदान को याद किया।
चार दिन चला लंगर, अखंड पाठ साहिब का हुआ समापन
जयंती कार्यक्रम के दौरान किसान भवन में चार दिन तक लंगर भी चलाया गया। इसमें विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों का सहयोग रहा। किसान भवन में पहली बार गुरु सिंह सभा की ओर से अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया गया। इसके समापन के साथ चार दिन से चल रहा लंगर भी संपन्न हुआ।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलनों के दौरान गुरुद्वारा कमेटियों ने हमेशा किसानों का साथ दिया है। दिल्ली में चले किसान आंदोलन सहित कई आंदोलनों के दौरान गुरुद्वारा कमेटियों की ओर से किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। उन्होंने इस सहयोग के लिए सभी गुरुद्वारा कमेटियों का आभार जताया।
सुबह से शाम तक चलता रहा श्रद्धांजलि का सिलसिला
जयंती के अवसर पर किसान भवन में सुबह से शाम तक श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा। आसपास के गांवों के अलावा दूरदराज क्षेत्रों से किसान अपने परिवारों के साथ सिसौली पहुंचे। भाकियू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
किसानों ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उनके किसान आंदोलनों, संगठन को मजबूत करने और किसानों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष की चर्चा होती रही। दूरदराज से आए किसानों ने टिकैत परिवार से मुलाकात की और जयंती कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
किसान आंदोलन की विरासत को किया याद
कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों को संगठित कर उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाने का काम किया था। सिसौली आज भी उनके किसान संघर्ष और संगठनात्मक विरासत का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री योगराज सिंह, धर्मेंद्र तोमर, भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, ओमपाल सिंह सहित भाकियू के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और आसपास के गांवों से आए लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अखंड पाठ साहिब के समापन के बाद उपस्थित लोगों ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की स्मृतियों को नमन किया। किसानों ने कहा कि किसान नेता द्वारा उठाए गए मुद्दे और किसानों के हितों को लेकर उनका संघर्ष आज भी चर्चा और प्रेरणा का विषय बना हुआ है। सिसौली में आयोजित जयंती कार्यक्रम ने एक बार फिर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के किसान आंदोलनों और संगठनात्मक योगदान को केंद्र में ला दिया।

