दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी की जांच को लेकर उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसके बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई की रेड हुई। छापेमारी में क्या कुछ मिला, इसकी जानकारी केंद्रीय एजेंसी ने तो नहीं दी लेकिन आप नेताओं का दावा है कि इस रेड में चवन्नी तक नहीं मिला। इस घटना के बाद से दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल में घमासान जारी है। अब मनीष सिसोदिया ने एलजी वीके सक्सेना को पत्र लिखकर तीखे सवाल उठाए हैं।
मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को एक और चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा की एमसीडी में हुए 6 हजार करोड़ रुपए के घोटाले की जांच के आदेश आपने क्यों नहीं दिए? उन्होंने आगे कहा, मैंने 2 महीने पहले भाजपा की नगर निगम द्वारा 6000 करोड़ के घोटाले को लेकर सीबीआई जांच के लिए चिट्ठी लिखी थी, आपने भाजपा द्वारा किए गए 6000 करोड के घोटालों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। आपने मेरे घर सीबीआई के छापे डलवाए। आपको मेरी जांच करा कर कुछ नहीं मिला।

हमारी सरकार कट्टर ईमानदार किसी ने नहीं डरतीः सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने लिखा कि आपका ध्यान सिर्फ दिल्ली सरकार के कामों में हस्तक्षेप करना रोज झूठी जांच कराना रह गया है। हमारी सरकार कट्टर ईमानदार और किसी भी जांच से नहीं डरती। आपसे अनुरोध है भाजपा की एमसीडी द्वारा किये गए 6000 करोड़ के घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश दें। इधर जानकारी के अनुसार एक्साइज पॉलिसी के बाद एलजी ने दिल्ली सरकार से जुड़े एक और मामले में जांच के आदेश दिए है।

बिजली सब्सिडी मामले में जांच के आदेश
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली सरकार द्वारा बीएसईएस डिस्कॉम को दी जाने वाली सब्सिडी में कथित ‘अनियमितताओं’ की जांच के आदेश दिए हैं और मुख्य सचिव को 7 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है। एलजी सचिवालय को बिजली सब्सिडी मामले में अनियमितता की शिकायत मिली है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता जैस्मीन शाह और दिल्ली डायलॉग कमीशन की उपाध्यक्ष और आप सांसद, एनडी गुप्ता के बेटे नवीन गुप्ता ने कथित तौर पर घोटाला किया है।