मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला मुजफ्फरनगर की सभी इकाइयों के पदाधिकारियों की विशेष बैठक शहर स्थित मस्जिद रहीमिया में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव मौलाना अब्दुल खालिक कासमी ने किया। बैठक में समाज सुधार, आगामी जनगणना को लेकर जनजागरूकता तथा हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में तय किया गया कि संगठन की ओर से चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गांव, कस्बे और मोहल्ला स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करते हुए उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाने की योजना तैयार की गई।

कुरीतियों के खिलाफ जमीनी स्तर पर चलेगा अभियान
जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केवल विचार-विमर्श पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के बीच जाकर जागरूकता पैदा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जमीयत की स्थानीय इकाइयां उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाएंगी।
उन्होंने नशाखोरी, दहेज प्रथा, शादी-ब्याह में फिजूलखर्ची और अशिक्षा जैसी समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान तथा बेहतर वातावरण बनाने के लिए भी प्रयास किए जाने की बात कही गई।
समाज सुधार, जनगणना जागरूकता और सद्भाव पर रहेगा जोर
बैठक में जमीयत की आगामी गतिविधियों के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया। समाज सुधार अभियान के तहत नशे, दहेज और अनावश्यक फिजूलखर्ची जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
वहीं, आगामी जनगणना को लेकर लोगों तक सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने तथा अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए विभिन्न समुदायों के जिम्मेदार लोगों के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
जनगणना को लेकर अफवाहों से बचने की अपील
जिला उपाध्यक्ष एवं जिला मीडिया प्रभारी मौ. आसिफ कुरैशी बुढ़ाना ने आगामी जनगणना प्रक्रिया को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि जब भी जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी, संगठन की प्राथमिकता आम लोगों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय इकाइयों के माध्यम से मस्जिदों में ऐलान, जागरूकता बैठकें और घर-घर जनसंपर्क जैसे माध्यमों से लोगों को आवश्यक जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का शिकार होने से बचाना है।
सामाजिक शांति के लिए संवाद और संपर्क पर जोर
हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव के विषय पर मौलाना अब्दुल कय्यूम कासमी, मौलाना जुबैर रहमानी, मौलाना सुहैल अख्तर, हाफिज शेरदीन, मौलाना शाहनजर, मौलाना इजराइल और हाजी अजीजुर्रहमान ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक शांति और भाईचारे के लिए विभिन्न समुदायों के जिम्मेदार लोगों के बीच लगातार संवाद और संपर्क बना रहना आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर आपसी भाईचारे और साझा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अनर्गल और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की गई।
चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे निर्णय
जिला महासचिव मौलाना अब्दुल खालिक कासमी ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी अभियानों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जिला संगठन स्थानीय इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की जिम्मेदारियां तय करेगा और जमीनी स्तर पर इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक के समापन पर मौलाना जुबैर रहमानी एवं मौलाना अहमद ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में मुफ्ती नौशाद, हाजी शराफत अली, मौलाना खालिद, मुफ्ती आजाद, मौलाना सनव्वर कासमी, मौलाना मोनिस, मुफ्ती नावेद, कारी मुजफ्फरुल्लाह, मौलाना शाहनवाज, मौलाना शाह आलम, मौलाना सादिक और मौलाना अब्दुल्लाह समेत सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।

