संगम की रेती पर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, बड़े हनुमान जी का गंगाजल से हुआ दिव्य महाभिषेक; दर्शन को उमड़े भक्त

संगम की रेती पर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, बड़े हनुमान जी का गंगाजल से हुआ दिव्य महाभिषेक; दर्शन को उमड़े भक्त

प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर विराजमान विश्व प्रसिद्ध बड़े हनुमान जी के मंदिर में हनुमत जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। शनिवार की भोर निरंजनी अखाड़े के महंत एवं बड़े हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महंत बलबीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बजरंगबली का पतित पावनी मां गंगा के जल से महाभिषेक किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। भगवान के दिव्य शृंगार के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों के साथ संकटमोचन के चरणों में शीश नवाया।

हनुमत जन्मोत्सव के पांच दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन मंगला आरती से पहले बड़े हनुमान जी का विशेष महाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज और शंख ध्वनि के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। गंगा जल से अभिषेक के बाद बजरंगबली की विशेष पूजा की गई और आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रावतार हैं। वायु पुराण में वर्णित हनुमज्जन्मनिर्णय के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, स्वाति नक्षत्र और मेष लग्न में माता अंजना के गर्भ से भगवान शिव ने हनुमान रूप में जन्म लिया था। हनुमत जन्मोत्सव पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए।

इस अवसर पर शाम पांच बजे विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। महंत बलबीर गिरि महाराज के सानिध्य में होने वाली इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर बजरंगबली की आराधना करेंगे। मंदिर परिसर में पूरे दिन भंडारा चलेगा, जिसमें भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही पांच दिवसीय हनुमत जन्मोत्सव का विधिवत समापन होगा।

हनुमत जन्मोत्सव के अवसर पर संगम नगरी का वातावरण भक्तिरस से सराबोर रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बड़े हनुमान जी के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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