श्री शिवमहापुराण ज्ञान यज्ञ का विधिवत रूप से हुआ समापन

बागपत। श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम व सातवें दिन मौसम की अनिश्चितता के बावजूद बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा ज्ञान यज्ञ में पुण्य के भागी बनें , जहां सत्येंद्र शर्मा, कमलकांत भारद्वाज व मनमोहन शर्मा के द्वारा पंचांग पीठ व रुद्राभिषेक पूजन कराया , वहीं दंडी स्वामी व व्यासपीठ पर विराजमान परमहंस डॉ मुक्तानंद पुरी महाराज के पूजन के साथ कथा प्रारंभ हुई।

व्यासपीठ से स्वामी मुक्तानंद पुरी ने कहा कि, शिव महापुराण से जीवन निर्वहन की कला व व्यक्ति के भीतर देवत्व का विकास सहज ही मिलने लगती है | कहा कि,महादेव के पांच कार्य हैं- सृष्टि उत्पन्न करना, उत्पन्न सृष्टि का पालन करना, संसार को अपने अंदर समाहित करना अर्थात् प्रलय, जीवों को उनके कार्य के अनुसार गति प्रदान करना और जीवों पर अनुग्रह कर उनको मोक्ष प्रदान करना | बताया कि, शिव तत्व व्यापक है जो बंधन में नहीं आता |जिस प्रकार स्वच्छ दर्पण में अपना रूप दिखाई देता है उसी प्रकार पवित्र अंतः करण में भगवान शिव के दर्शन होते हैं |कथा समापन के अवसर पर शिव महापुराण पूजन ,आरती के बाद कन्या पूजन किया गया, जो परमहंस मुक्तानंद पुरी जी व दंडी स्वामी जी द्वारा किया गया।

व्यवस्था में बने रहे सहयोगी

इस अवसर पर श्री सनातन धर्म प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष ब्रह्म सिंह गोयल सचिव डॉ दीपक गौतम संयोजक सदस्य राम कुमार शर्मा उपाध्यक्ष जगमोहन शर्मा हंसराज गुप्ता डॉ बीपी मल्होत्रा यजमान मंसाराम गर्ग रविंद्र तिवारी, अरविंद तोमर ठेकेदार, कालीचरण शर्मा, दिनेश गोयल भट्टे वाले, हरि शंकर अग्रवाल कालीचरण शर्मा कृष्ण पाल शर्मा, पंडित उमेश कौशिक राजेंद्र , धर्म प्रकाश वर्मा उपस्थित रहे बाद में सचिव डॉ दीपक गौतम द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।

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