बागपत। आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज के सुशिष्य,मुनि श्री विशुभ्र सागर जी महाराज एवं मुनि श्री विश्वार्क सागर जी महाराज के सानिध्य मे दसलक्षण पर्व के नवे दिन,अजितनाथ सभागार पांडुक्षिला मैदान बडौत के वातानुकूलित हॉल मे श्री नंदीश्वर विधान का आयोजन किया गया और उत्तम आकिन्चन धर्म की पूजन की गयी।

सुबह इन्द्रो ने अजितनाथ भगवान की प्रतिमा का प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र मुकेश जैन टेंट वालो को प्राप्त हुआ। आज की पूजन मे नवदेवता पूजन,भगवान अजितनाथ पूजन, दसलक्षण पूजन और आचार्य विमर्श सागर जी महा मुनिराज की पूजन की गयी। सौधर्म इंद्र मुकेश जैन द्वारा मंडल पर 96 अर्घ समर्पित किये। विधानाचार्य पंडित राजकिन्ग ने उत्तम आकिन्चन धर्म के संबंध मे बताया और सभी को उत्तम आकिन्चन धर्म ग्रहण करने की प्रेरणा दी। विधान के मध्य मंगल प्रवचन देते हुए मुनि विशुभ्र सागर जी महाराज ने आज के धर्म उत्तम आकिन्चन धर्म के विषय मे बताया। उन्होंने कहा कि सांसारिक वस्तुओ के साथ मैं और मेरेपन का संबंध भी विसर्जित कर देना और निज शुध्द आत्मा ही एकमात्र मेरा है, ऐसी गहन अनुभूति, आत्म अनुभूति का नाम ही उत्तम आकिन्चन धर्म है। मैं और मेरेपन का भाव संसार भ्रमण का कारण है। सभा मे सुभाष जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, राकेश जैन, सुधीर जैन, मनोज जैन, हंस कुमार जैन,अनिल जैन, अशोक जैन, आशीष जैन, संजय जैन, अंकुर जैन आदि उपस्थित थे। शाम 7 बजे से सभागार मे प्रतिक्रमण, आरती और उसके बाद जैन तीर्थ यात्रा संघ के सोजन्य से भजन संध्या की प्रस्तुति की गयी. जिसमे रायपुर से पधारे जैन गायक राहुल जैन के भजनो ने सभी को मंत्र मुग्द कर दिया. दिल्ली से पधारे गायक दीपक सरगम ने भी सुंदर भजन प्रस्तुत किये. इस अवसर पर सिधार्थ जैन, प्रमोद जैन, पंकज जैन, संदीप जैन, राहुल जैन, संजय जैन, अमित जैन आदि उपस्थित थे। कल 9 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर मंदिरो मे थाली चढ़ाई जायेगी और रात्रि मे 8 बजे विमर्श जागृति मंच के सोजन्य से अजितनाथ सभागार मे,अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन की प्रस्तुति की जायेगी, जिसका संचालन मशहूर कवि डॉक्टर प्रवीण शुक्ल करेंगे।
