मथुरा। उत्तर प्रदेश में जनपद मथुरा के वृंदावन के चैतन्य विहार सेक्टर- दो स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात पानी के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद से गुरुकुलम का संचालक फरार है।

पुलिस के अनुसार, जिस जगह गुरुकुलम संचालित हो रहा है, वहां एक साल पहले तक ‘उमा कमला’ नाम से गेस्ट हाउस चलता था। वर्तमान में आशीष शर्मा ने इसे किराये पर लेकर गुरुकुलम शुरू किया, जहां लगभग 100 छात्र रहकर संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे गुरुकुल संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों को पीछे बने लगभग 12 फीट गहरे बंद पानी के टैंक को साफ करने के लिए कहा।

पुलिस ने बताया कि निर्देश मिलने पर पांच छात्र सफाई के लिए उतरे। सबसे पहले मनु कटारे टैंक का ढक्कन खोलकर अंदर उतरे, जहां जहरीली गैस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें बचाने के चक्कर में एक-एक करके बाकी विशू शर्मा (19, मेरठ), आर्यन पांडेय (16, प्रयागराज) और देवांश शर्मा (17) भी टैंक में उतर गए और उसकी चपेट में आ गए। छात्रों की चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी पहुंचे और अन्य आचार्यों व छात्रों की मदद से सभी को बाहर निकाला।
सूचना पाकर पर पहुंची पुलिस छात्रों को रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम तथा सौ शैया अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मनु कटारे (22, जबलपुर), विशू शर्मा (19, मेरठ), आर्यन पांडेय (16, प्रयागराज) और देवांश शर्मा (17) को मृत घोषित कर दिया। रुद्राक्ष अस्पताल में भर्ती है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, एडीएम पंकज वर्मा और एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच के आदेश दिए हैं और फरार संचालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद गुरुकुल के अन्य लोगों द्वारा पहचान छिपाने के लिए संस्थान का बोर्ड हटाने का मामला भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है।

