विकासखंड chhaproli के विभिन्न ग्रामों में उर्द एवं मूंग फसल का निरीक्षण किया गया। सभी जगह फसल अच्छी खड़ी थी लेकिन कहीं-कहीं सफेद मक्खी द्वारा पीला चित्रवर्ण रोग फैला हुआ था रोग सफेद मक्खी से फैलता है। इससे बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करने की जरूरत पड़ती है। रोग लगने पर रोग ग्रसित पौधों को उखाड़कर मिट्टी में दबाकर नष्ट कर देना चाहिए। रोग वाहक सफेद मक्खी की रोकथाम के लिए डायमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी अथवा मिथाइल-ओ-डिमेटान 25 प्रतिशत ईसी एक लीटर या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 125 मिली मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर आठ से दस दिन के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए। किसानों को बताया कि किसी भी कृषि रक्षा रसायन का छिड़काव कर इस कीट से नियंत्रण मिल सकता है। kurdi गांव में सज्जन कुमार तिलवाड़ा में सोमबीर तुगाना में जगपाल सिंह सिलाना में बिजेंदर व रन्जीत सिहं के खेतों पर निरीक्षण किया गया।

