लखनऊ में चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर रालोद का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, किसानों के हितों पर दिया जोर

लखनऊ में चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर रालोद का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, किसानों के हितों पर दिया जोर

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय सहित पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हवन-पूजन किया तथा विधान भवन स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने चौधरी साहब को नमन करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह जी का संपूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों एवं गांवों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके सिद्धांत और विचार आज भी राष्ट्रीय लोकदल की प्रेरणा हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सदैव किसानों के हितों की लड़ाई लड़ता रहा है और आज एनडीए सरकार में भी किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाकर किसानों के हित में निर्णय करवाने का कार्य कर रहा है। गन्ना किसानों का भुगतान, फसलों का उचित मूल्य, सिंचाई, बिजली एवं ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय लोकदल लगातार संघर्षरत है।

डॉ. रामाशीष राय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के बताए रास्ते पर चलते हुए राष्ट्रीय लोकदल गांव, किसान, मजदूर और नौजवानों के अधिकारों की आवाज़ को हमेशा बुलंद करता रहेगा।

व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को केवल किसान नेता के रूप में सीमित कर देखना उनकी व्यापक आर्थिक सोच के साथ अन्याय है। वास्तविकता यह है कि चौधरी चरण सिंह गांव, किसान, छोटे व्यापार और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत करने के पक्षधर थे।

उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज में यह भ्रम फैलाया गया कि चौधरी चरण सिंह व्यापारी वर्ग के विरोधी थे, जबकि उनका विरोध केवल बड़े एकाधिकारवादी औद्योगिक ढांचे से था। चौधरी साहब का स्पष्ट मानना था कि देश की आर्थिक मजबूती का आधार कृषि आधारित उद्योग, स्थानीय व्यापार और मजबूत मंडी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने हमेशा किसान और व्यापारी को एक-दूसरे का सहयोगी माना।

रोहित अग्रवाल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों के कारण ही देश में कृषि मंडियों को मजबूती मिली और ग्रामीण बाजारों का विस्तार हुआ। उनका सपना था कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले तथा व्यापारी वर्ग को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यापारिक वातावरण प्राप्त हो। उन्होंने ऐसी आर्थिक व्यवस्था की परिकल्पना की थी जिसमें गांव आत्मनिर्भर बनें और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि समय के साथ चौधरी चरण सिंह की मूल सोच को राजनीतिक सीमाओं में बांध दिया गया, जिससे किसान और व्यापारी वर्ग के बीच अनावश्यक दूरी पैदा हुई। जबकि वास्तविकता यह है कि किसान की समृद्धि से व्यापार मजबूत होता है और व्यापार की मजबूती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम हैदर, आदित्य विक्रम सिंह तथा रजनीकांत मिश्रा, प्रदेश महासचिव मनोज सिंह चौहान, प्रीति श्रीवास्तव, चंद्र कांत अवस्थी, राघवेंद्र प्रताप यादव, युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह पटेल, प्रोफेशनल मंच के प्रदेश अध्यक्ष अम्बुज पटेल, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष परिणीता सिंह सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने बताया राजधानी लखनऊ सहित सभी जनपदों चौधरी साहब को पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा पूर्वक नमन किया।

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