हरपालपुर। विगत रोज रेलवे रैक प्वाइंट में मंडला से आए 2600 मीट्रिक टन चावल में करीब 400 मीट्रिक टन चावल में फफूंद लग गई क्योंकि यह चावल बारिश का शिकार हो गया। जांच में चावल खराब होना पाया गया। अपर कलेक्टर ने मप्र स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन एवं मप्र वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे इस बात का ध्यान रखें कि खराब और फफूंदयुक्त चावल की सप्लाई न हो सके। यदि चावल की सप्लाई में अनदेखी हुई और उसका सेवन करने से कोई बीमार हुआ तो अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। यह भी निर्देशित किया गया है कि दो दिन में जानकारी दी जाए कि कितनी मात्रा में चावल खराब हुआ है।

हरपालपुर रेलवे स्टेशन के रैक प्वाइंट पर 24 जुलाई को प्रदेश के मंडला में स्थित मां शारदा राइस मिल से 2600 मीट्रिक टन लाया गया था। जैसे ही चावल रैक प्वाइंट पर पहुंचा इसके खराब रखरखाव के कारण इसमें पानी भर गया। चावल की बड़ी मात्रा पानी के कारण खराब हो चुकी है। रैक प्वाइंट पर कुछ बोरियां फट गई हैं जिससे सड़ा हुआ चावल बाहर निकल आया है। पूरे रैक प्वाइंट पर सड़े हुए चावल की बदबू आ रही थी। प्रथम दृष्टया 2600 मीट्रिक टन में से 400 मीट्रिक टन चावल खराब हो चुका है।
नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक रिंकी साहू एवं जिला खाद्य अधिकारी वीके सिंह ने रैक प्वाइंट का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी अलग-अलग समय निरीक्षण करने पहुंचे और निरीक्षण के बाद दोनों के बयान अलग-अलग हैं। नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक रिंकी साहू के मुताबिक ठेकेदार की लापरवाही से सिर्फ 500 बोरी चावल भीगा है जबकि खाद्य विभाग के जिलाधिकारी वीके सिंह के मुताबिक लगभग 8000 बोरी चावल के खराब होने की बात कही है।