सदियों पुराने रीति-रिवाजों के अनुसार महंत दीपेंद्र्र गिरि के नेतृत्व में गुरुवार को हरियाली अमावस्या (श्रावण अमावस्या) के अवसर पर श्री अमरनाथ की पवित्र छड़ी मुबारक को पूजा के लिए गोपाद्री पर्वत स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर श्रीनगर ले जाया गया।

दूसरी तरफ मौसम खराब होने के कारण दक्षिण कश्मीर के बालटाल और नुनवान-पहलगाम आधार शिविरों से यात्रा रोक दी गई। इससे पहले मंगलवार को भी अमरनाथ गुफा के समीप फ्लैशफ्लड के कारण यात्रा रोक दी गई थी। सुरक्षा बलों ने गुफा क्षेत्र में बाढ़ के चलते अमरनाथ यात्रियों को वापस पंजतरणी भेज दिया था।
