
शामली। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय बैठक मेरठ में संपन्न हो गयी। बैठक में शामली से भी संघ के पदाधिकारियों ने भाग लेकर सरकार से जल्द से जल्द किसानों की सभी समस्याओं का प्रमुखता से हल किए जाने की मांग की। जानकारी के अनुसार बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, आवारा पशुओं से निजात दिलाने, बिजली के बकाया बिलों को लेकर विद्युत विभाग द्वारा किसानों के उत्पीडन के संबंध में भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय बैठक मेरठ के नूतन इंटर कालेज तिसोतरा में प्रांत अध्यक्ष संजीव सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हो गयी। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री राजसिंह चौहान ने किया। बैठक में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने संकल्प पत्र में किसानों से किए गए वादों के विषयों व संगठन के आगामी किसान हितों के लिए चलाए जाने वाले आंदोलन की योजना बनायी गयी। प्रदेश संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौवंशों की समस्याओं के समाधान न होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवारा पशु खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को किसानों की परेशानियों का संज्ञान लेकर नंदी अभ्यारण केन्द्र बनाने चाहिए। प्रदेश महामंत्री राजसिंह चौहान ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार किसानों को गन्ने का मूल्य भुगतान 14 दिन के अंदर होना चाहिए लेकिन सरकार की अपनी सरकारी चीनी मिलों एवं अन्य प्राइवेट मिलों पर करोड रुपये का भुगतान अभी भी किसानों का बकाया है, इसलिए बकाया का भुगतान भी जल्द से जल्द कराया जाए। प्रांत अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को बिजली भी उपलब्ध नहीं करा रही है, बिजली के बकाया बिलों के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा अनावश्यक तरीके से किसानों की लाइनों को काटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार गन्ना भुगतान समय पर नहीं दिला सकती तो फिर जब किसानों की फसल को इस समय पानी की आवश्यकता है तब किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार विमर्श किया गया। बैठक में अरविन्द कुमार के साथ-साथ शामली से भारी संख्या में संघ के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

