मेरठ में हाजी याकूब की बंद मीट फैक्ट्री में डकैती का खुलासा, मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार; एक के पैर में लगी गोली

मेरठ में हाजी याकूब की बंद मीट फैक्ट्री में डकैती का खुलासा, मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार; एक के पैर में लगी गोली

मेरठ। अल्लीपुर स्थित बहुजन समाज पार्टी सरकार में पूर्व मंत्री एवं मीट कारोबारी हाजी याकूब कुरैशी की बंद पड़ी अलफहीम मीट फैक्ट्री में हुई डकैती की वारदात का लोहिया नगर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हापुड़ मेरठ रोड पर हुई मुठभेड़ के बाद डकैती में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य फैक्ट्री में भी डकैती की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, अलफहीम मीट फैक्ट्री में हुई डकैती के मामले की जांच के दौरान आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। इसी आधार पर थाना लोहिया नगर पुलिस ने गुरुवार देर रात हापुड़ मेरठ रोड पर खत्ते के पास घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने मौके से तीन आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश उर्फ चाचा निवासी मसूरी गाजियाबाद, शहजाद उर्फ भूरा और रियाजुद्दीन उर्फ रियाजू के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में डकैती में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों के बारे में जानकारी मिली। आरोपियों ने बताया कि हथियार हाजीपुर अल्लीपुर के निर्माणाधीन लिंक रोड पर काली नदी के पास झाड़ियों में छिपाए गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर हथियार बरामद करने के लिए बताए गए स्थान पर पहुंची।

पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचते ही आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दानिश उर्फ चाचा के बाएं पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस टीम ने उसके दोनों साथियों शहजाद उर्फ भूरा और रियाजुद्दीन उर्फ रियाजू को भी गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर पुलिस ने उनकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इन हथियारों की व्यवस्था कहां से की थी और गिरोह में उनके साथ कौन कौन लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों के खिलाफ मेरठ और आसपास के जिलों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पुराने मामलों की जानकारी जुटाने के साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अलफहीम मीट फैक्ट्री के अलावा तान्या फैक्ट्री में भी इसी तरह डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंधों की जांच कर रही है। आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों वारदातों में कितने लोग शामिल थे, फैक्ट्रियों की रेकी किसने की थी और डकैती के बाद लूटा गया सामान कहां ठिकाने लगाया गया।

पुलिस के अनुसार, रियाजुद्दीन उर्फ रियाजू के खिलाफ मेरठ, मुजफ्फरनगर और अमरोहा के विभिन्न थानों में पांच मुकदमे दर्ज हैं। शहजाद उर्फ भूरा के खिलाफ मेरठ और मुजफ्फरनगर में चार मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं दानिश उर्फ चाचा के खिलाफ गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के अलग अलग थानों में सात मुकदमों में संलिप्तता और वांछित होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस अब आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों, डकैती में इस्तेमाल वाहनों, हथियारों और चोरी किए गए माल के संबंध में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने मेरठ और आसपास के जिलों में इस तरह की अन्य वारदातों को तो अंजाम नहीं दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।

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