मेरठ। ग्रामीण समाज विकास केंद्र की ओर से महिलाओं और ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में आठ अक्टूबर को जनपद मेरठ के ग्राम मीवा में कार्यक्रम आयोजित कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत, ऋण, बैंक खाता संचालन, डिजिटल बैंकिंग तथा विभिन्न सरकारी वित्तीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने और बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।

संस्था का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खुलवाने और उनके नियमित संचालन में सहयोग करना, समूहों को बैंक ऋण एवं क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया समझाना तथा महिलाओं में नियमित बचत और वित्तीय प्रबंधन की आदत विकसित करना है। इसके साथ ही डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल और सरकारी योजनाओं व वित्तीय सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की सदस्यों के साथ बैठक कर बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। महिलाओं को बैंक खाता, पासबुक, बचत, ऋण आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और बैंक से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
महिलाओं को बैंक अधिकारियों और संबंधित वित्तीय संस्थाओं से सीधे संपर्क स्थापित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए समूह की नियमित बैठक, नियमित बचत, रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने के महत्व के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, फील्ड एनिमेटर नीरज और अनुज सिंह मौजूद रहे। संस्था की ओर से बताया गया कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
