मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। विदेश में नौकरी कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सपना देख रहे मीरापुर के एक युवक के साथ लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आए युवक को रूस में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर विदेश भेजा गया, लेकिन मॉस्को एयरपोर्ट पर दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद उसे हिरासत में लेकर अगली ही फ्लाइट से भारत वापस भेज दिया गया। भारत लौटने पर युवक ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो एजेंट ने कथित तौर पर धमकियां देनी शुरू कर दीं। अब पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।

मीरापुर क्षेत्र के खतौली रोड निवासी शोएब पुत्र मन ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ समय पहले मेरठ जनपद के मवाना निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। उसने खुद को विदेशी कंपनियों में भर्ती कराने वाला अधिकृत एजेंट बताते हुए रूस की एक प्रतिष्ठित कंपनी में आकर्षक वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। बेहतर भविष्य की उम्मीद में शोएब ने किस्तों में कुल दो लाख पच्चीस हजार रुपये एजेंट के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित के अनुसार एजेंट ने उसे सात अप्रैल को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मॉस्को के लिए रवाना किया। लेकिन मॉस्को एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान उसके वीजा और अन्य दस्तावेजों में गंभीर कमियां पाई गईं। रूसी अधिकारियों ने उसे एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले ही दिन उसे भारत वापस भेज दिया।
शोएब का कहना है कि मॉस्को एयरपोर्ट से उसने एजेंट से संपर्क किया तो उसने तकनीकी कमी का हवाला देकर वापस भारत आने की बात कही और दोबारा भेजने का आश्वासन दिया। भारत लौटने के बाद जब उसने एजेंट से मुलाकात कर रुपये वापस मांगे तो शुरुआती दबाव में आरोपी ने केवल पचास हजार रुपये लौटाए, जबकि शेष एक लाख पचहत्तर हजार रुपये देने से लगातार बचता रहा।
पीड़ित का आरोप है कि बाद में एजेंट ने उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया। जब दूसरे नंबर से संपर्क किया गया तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
ठगी और धमकियों से परेशान शोएब ने अब मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और शेष रकम वापस दिलाने की मांग की है।
वहीं स्थानीय पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

