मुजफ्फरनगर। अवैध निर्माण और बिना मानचित्र स्वीकृत कराए काटी जा रही कॉलोनियों के खिलाफ मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। मंडलायुक्त सहारनपुर मंडल की प्रेरणा और एमडीए की उपाध्यक्ष श्रीमती प्रणता ऐश्वर्या के कड़े निर्देशों के अनुपालन में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में 10 अलग-अलग स्थानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान एक ओर जहां करीब 11 बीघा भूमि में बिना ले-आउट स्वीकृत कराए विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, वहीं कई स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनाए गए दुकानों, व्यावसायिक हॉल और अन्य निर्माणों को सील कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मचा रहा।

मिमलाना रोड पर 11 बीघा की अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर
एमडीए की टीम ने मिमलाना रोड स्थित अनवर स्टार पैलेस के पीछे बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. यामीन, फुरकान और नरेश उर्फ बंटी द्वारा करीब 11 बीघा भूमि में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार इस कॉलोनी का ले-आउट प्लान स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसके बावजूद यहां कॉलोनी काटने का काम किया जा रहा था।
प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से कॉलोनी में किए गए अवैध विकास कार्य को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को बुधवार के अभियान की प्रमुख कार्रवाई माना जा रहा है।
रामपुर तिराहे पर अवैध कॉलोनी का मुख्य गेट भी गिराया
रामपुर तिराहे पर भी प्राधिकरण की टीम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। यहां नीरज चौहान द्वारा कथित रूप से अवैध कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बनाए गए मुख्य द्वार को बुलडोजर से गिरा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी के विकास के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।
एमडीए की टीम ने स्पष्ट किया कि बिना प्राधिकरण की अनुमति के कॉलोनियों का विकास और निर्माण किए जाने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
शामली रोड पर 500 वर्गमीटर का व्यावसायिक हॉल सील
अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान शामली रोड स्थित खांजापुर में भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। यहां समय सिंह द्वारा करीब 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में भूतल और प्रथम तल पर निर्मित व्यावसायिक हॉल को प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। कार्रवाई के दौरान टीम ने निर्माण स्थल को सील करते हुए आगे के उपयोग पर रोक लगा दी।
रूड़की रोड पर छह दुकानों पर जड़ी सील
रूड़की रोड पर श्रीराम कटोरी द्वार के पास भी एमडीए की टीम ने दो अलग-अलग निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। यहां मनीष द्वारा करीब 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाई गई चार दुकानों को सील किया गया। इसी स्थान पर अभिषेक सिंह द्वारा करीब 75 वर्गमीटर में भूतल और प्रथम तल पर बनाई गई दो दुकानों को भी सील कर दिया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक दोनों निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किए गए थे।
रामलीला टीला में छह दुकानों पर कार्रवाई
रामलीला टीला क्षेत्र में श्रीमती वीरमती और श्रीमती कविता सैनी द्वारा करीब 125 वर्गमीटर क्षेत्रफल में भूतल पर निर्मित छह दुकानों के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी संबंधित निर्माणों को सील कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि इन निर्माणों को लेकर प्राधिकरण की ओर से पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके थे।
शाहबुद्दीनपुर रोड पर चार दुकानें और आवासीय निर्माण सील
शाहबुद्दीनपुर रोड पर पिंटू पुत्र स्वर्गीय सेवाराम द्वारा करीब 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल में भूतल पर निर्मित चार दुकानों और प्रथम तल पर किए गए आवासीय निर्माण को भी सील कर दिया गया।
एमडीए के अनुसार संबंधित निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी थी। इसके बावजूद निर्माणकर्ता द्वारा अवैध निर्माण को स्वयं नहीं हटाया गया।
एनएच-58 बाईपास और हरिद्वार रोड पर भी कार्रवाई
एनएच-58 बाईपास पर गणपति ढाबे से पहले मुजस्सिम अली पुत्र शमशाद अली द्वारा करीब 180 वर्गमीटर में बनाए गए दो व्यावसायिक हॉल को सील किया गया। इसी तरह हरिद्वार रोड पर गणपति ढाबे के पास इमरान द्वारा करीब 450 वर्गमीटर में भूतल पर निर्मित दो बड़े व्यावसायिक हॉल पर भी एमडीए की टीम ने सील लगा दी।
इन दोनों स्थानों पर भी प्राधिकरण की अनुमति और स्वीकृत मानचित्र से जुड़े नियमों का पालन नहीं किए जाने का हवाला देते हुए कार्रवाई की गई।
शिव ढाबे के पास निर्माणाधीन ढांचा भी सील
एनएच-58 हरिद्वार रोड स्थित शिव ढाबे के पास आलम पुत्र मोहम्मद इस्लाम द्वारा करीब 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पिलर और दीवारें खड़ी कर किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया।
एमडीए अधिकारियों के अनुसार निर्माणाधीन स्थल पर कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी।
नोटिस और अंतिम आदेश के बाद भी नहीं रोका गया निर्माण
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि जिन निर्माणों के खिलाफ बुधवार को कार्रवाई की गई, उनके संबंध में एमडीए की ओर से पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। इसके बाद चालानी कार्रवाई की गई और सीलिंग तथा ध्वस्तीकरण के अंतिम आदेश भी जारी कर दिए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद संबंधित भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं ने न तो निर्माण कार्य बंद किया और न ही अपने स्तर से अवैध निर्माण को हटाया। इसके चलते प्राधिकरण को प्रवर्तन कार्रवाई करनी पड़ी।
भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची प्रवर्तन टीम
बुधवार को एमडीए के सहायक अभियंता, अवर अभियंता और विशेष प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंची। टीम ने पहले मौके की स्थिति का निरीक्षण किया और इसके बाद निर्धारित कार्रवाई को अंजाम दिया।
जहां अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, वहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि बिना स्वीकृत मानचित्र के तैयार दुकानों और व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया।
अवैध निर्माणकर्ताओं में मचा हड़कंप
एमडीए की एक ही दिन में 10 अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई से शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप की स्थिति है। प्राधिकरण अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और नियमों के विपरीत विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से साफ है कि एमडीए अब अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत व्यावसायिक निर्माणों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार पूर्व में जारी नोटिस और आदेशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

