मुजफ्फरनगर। किशोरी के साथ छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास के करीब आठ साल पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2018 में माता के जागरण में शामिल होने गई किशोरी को रास्ते में रोककर तीन युवकों ने उसका अपहरण करने का प्रयास किया था। इस दौरान एक आरोपी ने किशोरी के हाथ रस्सी से बांधने की कोशिश की, जबकि दूसरे पर उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप था।

माता के जागरण में मां और बहन के साथ गई थी किशोरी
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 11 नवंबर 2018 की रात करीब साढ़े 11 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में हुई थी। किशोरी अपनी मां और बहन के साथ पड़ोस में आयोजित माता के जागरण में शामिल होने गई थी। जागरण के दौरान किशोरी लघुशंका के लिए वहां से कुछ दूर गई थी।

इसी दौरान मोहल्ले के ही बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंच गए। आरोप है कि तीनों ने किशोरी को रास्ते में रोक लिया और उसका अपहरण करने का प्रयास किया।
रस्सी से हाथ बांधने की कोशिश का आरोप
अभियोजन के मुताबिक आरोपियों में से एक ने किशोरी के हाथ रस्सी से बांधने का प्रयास किया। वहीं दूसरे आरोपी पर किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया। अचानक हुई इस घटना से घबराई किशोरी ने शोर मचा दिया।
किशोरी के शोर मचाने पर आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने की आशंका के चलते तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। घटना के बाद किशोरी ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
इसके बाद किशोरी की मां ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आशू उर्फ सुभाष पुत्र सतीश, सचिन पुत्र राजेंद्र और उसके साथी अनुज पुत्र जोगिंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के समक्ष पेश किया।
अदालत ने तीनों को ठहराया दोषी
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया की अदालत में हुई। बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन ने अदालत में रखे साक्ष्य
डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में घटना से संबंधित गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने आरोपियों द्वारा किशोरी के साथ की गई कथित छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखे।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।
करीब आठ साल बाद आया फैसला
यह मामला वर्ष 2018 का है। करीब आठ वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद बुधवार को अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने के बाद तीनों आरोपियों को कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने प्रत्येक दोषी पर जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के निर्णय को मामले की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम बताया।

