मुजफ्फरनगर। जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण की रोकथाम और संभावित मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच बुधवार को मोरना ब्लॉक क्षेत्र में स्वाइन फ्लू का एक और नया मामला सामने आया। नए मरीज की पुष्टि के बाद जनपद में स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।

नया मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच शुरू करा दी गई है। मरीज के परिजनों के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों की भी जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की संभावित कड़ी का समय रहते पता लगाया जा सके और आवश्यकता होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सके।

मोरना में नया केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार तेवतिया ने बताया कि जिले में इससे पहले स्वाइन फ्लू के 10 मरीज सामने आ चुके थे। स्वास्थ्य विभाग लगातार संदिग्ध मरीजों पर नजर रख रहा था और विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में बुधवार को मोरना ब्लॉक क्षेत्र में एक और व्यक्ति में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को सक्रिय कर दिया गया। संक्रमित मरीज के परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच कराई गई है। प्रभावित क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
सीएमओ के अनुसार विभाग का प्रयास है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी तत्काल पहचान कर जांच और उपचार कराया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
शहर में सबसे ज्यादा चार मरीज, खतौली में दो संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सामने आए 11 स्वाइन फ्लू मामलों में सबसे अधिक चार मरीज शहर क्षेत्र के हैं। खतौली में दो मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
इसके अलावा जानसठ और मखियाली क्षेत्र में एक-एक मरीज मिला है। मोरना ब्लॉक में बुधवार को नया मामला सामने आने से यहां संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इस तरह जिले के कई अलग-अलग क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
विभाग की ओर से संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की पहचान करने के साथ ही संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
सितंबर-अक्टूबर में संक्रमण की चुनौती बढ़ने की आशंका
सीएमओ सुनील कुमार तेवतिया ने बताया कि सितंबर और अक्टूबर का समय संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। मौसम में बदलाव के दौरान कई प्रकार के संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू के साथ ही डेंगू और मलेरिया की रोकथाम को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम में मच्छरों की सक्रियता बढ़ने के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बना रहता है।
दिन में सक्रिय रहता है एडीज मच्छर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय सक्रिय रहता है और सुबह तथा शाम के वक्त लोगों को काट सकता है। इसलिए लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ढककर रखने और आसपास पानी जमा नहीं होने देने जैसे जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
विभाग का कहना है कि स्वाइन फ्लू के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए भी लोगों की जागरूकता बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
सभी सीएचसी-पीएचसी को सतर्क रहने के निर्देश
मोरना में नया स्वाइन फ्लू मरीज मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से कहा गया है कि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी तत्काल जांच कराई जाए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध मामलों की सूचना समय से उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य है कि संक्रमण की पहचान शुरुआती स्तर पर ही कर ली जाए, जिससे मरीज को समय पर उपचार मिल सके और संक्रमण की संभावित श्रृंखला को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
बुखार और सांस की परेशानी को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और आवश्यकता पड़ने पर जांच कराने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
संपर्क में आए लोगों की जांच से संक्रमण रोकने की कोशिश
मोरना क्षेत्र में नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच करा रहा है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की समय पर पहचान और जांच संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नए संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

