मोरना, मुजफ्फरनगर। क्षेत्र के गांव रहकड़ा में श्मशान घाट और तालाब से सटी सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले में बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग और विकास खंड की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में श्मशान की भूमि पर चिन्हित किए गए अवैध रास्ते को जेसीबी से खुदवाकर बंद करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया।

विधानसभा में उठा था अवैध कब्जे का मुद्दा
रहकड़ा गांव में श्मशान घाट, तालाब और कुएं की सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला लंबे समय से चर्चा में था। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मिथलेश पाल ने बीते वर्ष इस मामले को उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। विधानसभा में मामला उठने के बाद राजस्व विभाग हरकत में आया और अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की पैमाइश कराई।

पैमाइश के दौरान हुई अतिक्रमण की निशानदेही
राजस्व विभाग की टीम ने श्मशान घाट और तालाब से जुड़ी भूमि के अभिलेखों की जांच के साथ मौके पर पैमाइश की। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान श्मशान घाट की भूमि पर अतिक्रमण की निशानदेही की गई। इसी दौरान ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान पति पर गांव में जाने वाले मुख्य मार्ग पर कथित रूप से अवैध गेट बनवाने का आरोप भी लगाया गया था।
अधिकारियों ने गेट निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों को बंद कराया था और प्राथमिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी थी।
अभिलेखों से मिलान के बाद चिन्हित हुआ रास्ता
बाद में नायब तहसीलदार बृजेश कुमार, राजस्व निरीक्षक प्रमोद पाल और लेखपाल सचिन, अंकित कुमार व मनोज कुमार की टीम ने दोबारा मौके पर पहुंचकर संबंधित अभिलेखों और खसरा नंबरों का मिलान किया। अधिकारियों के अनुसार अभिलेखों की जांच में गांव की ओर जाने वाला एक मार्ग श्मशान की भूमि में दर्ज पाया गया। इसके बाद टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मार्ग को बंद कराया था।
रास्ता खुलवाने को लेकर हुआ था धरना प्रदर्शन
पहली कार्रवाई के बाद गांव में इसको लेकर विवाद की स्थिति भी बनी। कुछ ग्रामीणों ने मार्ग को दोबारा खुलवाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। इसी बीच ग्राम प्रधान पक्ष की ओर से मामले को न्यायालय में ले जाया गया और वहां से स्थगनादेश प्राप्त किया गया। इसके बाद श्मशान की भूमि से होकर गुजरने वाला रास्ता फिर से चालू हो गया था।
डीपीआरओ के आदेश के बाद फिर हुई कार्रवाई
प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव ने मामले में सख्त रुख अपनाया। तहसील जानसठ की ओर से चिन्हित खसरा नंबर 1531 की श्मशान भूमि पर मौजूद कथित अवैध कब्जे को हटाने के लिए लिखित आदेश जारी किए गए।
बुधवार को इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में विकास खंड मोरना के सहायक विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत सचिव योगेश कुमार और इंदु देशवाल पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
जेसीबी से खुदवाकर बंद कराया रास्ता
प्रशासनिक टीम ने जेसीबी की मदद से श्मशान की भूमि पर बने रास्ते को खुदवाकर पूरी तरह बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सरकारी भूमि की स्थिति को स्पष्ट किया और अतिक्रमण दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी।
पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भोपा थाना पुलिस और प्रशासनिक बल मौके पर तैनात रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी कराई गई।
दोबारा कब्जे पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी, श्मशान या तालाब की भूमि पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद गांव में सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के एक अहम चरण का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है।

