मुजफ्फरनगर। शहर के नई मंडी थाना क्षेत्र में स्थित अग्रोहा शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ कक्षा ग्यारह में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। छात्रा की मां की ओर से पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आया। शिकायत में कॉलेज के प्रधानाचार्य मोहित सिंघल पर छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नई मंडी थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपी प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला सामने आने के बाद शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई फिलहाल पीड़िता की मां की ओर से लगाए गए आरोपों और प्राप्त शिकायत के आधार पर हुई है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।

मां की शिकायत के बाद सामने आया मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नई मंडी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़छाड़ के संबंध में थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। महिला की बेटी शांति नगर स्थित अग्रोहा शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में कक्षा ग्यारह की छात्रा है। शिकायत में महिला ने कॉलेज के प्रधानाचार्य मोहित सिंघल पर उसकी बेटी के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया।
महिला के अनुसार, प्रधानाचार्य ने उसकी बेटी को अपने कार्यालय में बुलाया और वहां उसके साथ छेड़छाड़ की। घटना की जानकारी होने के बाद छात्रा की मां ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कार्रवाई कर रही है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रधानाचार्य के कार्यालय में बुलाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित घटना कॉलेज परिसर में प्रधानाचार्य के कार्यालय से संबंधित है। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने उसकी बेटी को कार्यालय में बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। इस शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में कथित घटना के विस्तृत घटनाक्रम, छात्रा को कार्यालय में बुलाने के कारण और घटना के समय से संबंधित सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ऐसे में मामले से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
तहरीर मिलते ही पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
महिला की लिखित शिकायत मिलने के बाद नई मंडी थाना पुलिस ने मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया। इसके बाद पुलिस ने नामजद आरोपी प्रधानाचार्य मोहित सिंघल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि शिकायत से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा सके।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध विवरण में जांच के निष्कर्षों या आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में किसी अंतिम निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है।
किसी भी आपराधिक मामले में शिकायत दर्ज होना और आरोपी की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के शुरुआती चरण होते हैं। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर फिर चर्चा
विद्यालय और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपने भविष्य को संवारने के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों को इस भरोसे के साथ शिक्षण संस्थानों में भेजते हैं कि वहां उनकी सुरक्षा, सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाएगा। ऐसे में किसी शिक्षण संस्थान के जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
इस मामले ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, शिकायतों के निस्तारण और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है कि विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, इस प्रकरण में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण है।
पुलिस पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
मुजफ्फरनगर पुलिस के मीडिया प्रकोष्ठ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नई मंडी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
अब मामले में पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। जांच में शिकायत से संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल के बाद ही प्रकरण की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं, नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण उसकी पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है। कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप पीड़िता की निजता का संरक्षण करते हुए मामले की जांच किया जाना जरूरी है।

