मुजफ्फरनगर। विश्वकर्मा पूजा दिवस पर प्रस्तावित शोभायात्रा को लेकर विश्वकर्मा समाज के दो पक्षों के बीच चल रहा मतभेद आखिरकार जिला प्रशासन की पहल के बाद समाप्त हो गया। नई मंडी कोतवाली में आयोजित विशेष बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों और समाज के गणमान्य लोगों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आपसी सहमति बनने के बाद अब शोभायात्रा को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

बैठक में तय किया गया कि इस बार विश्वकर्मा पूजा दिवस की शोभायात्रा किसी समिति, ट्रस्ट या संगठन के बैनर तले नहीं निकाली जाएगी। आयोजन को सामूहिक रूप से भगवान विश्वकर्मा के नाम पर कराया जाएगा, जिसमें पूरे विश्वकर्मा समाज की सहभागिता रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।

दो पक्षों के बीच बनी आपसी सहमति
जिला प्रशासन की पहल पर नई मंडी कोतवाली में बुलाई गई बैठक में विश्वकर्मा चौक समिति ट्रस्ट और भगवान विश्वकर्मा शोभायात्रा समिति से जुड़े विवाद को प्रमुखता से रखा गया। दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ समाज के प्रमुख लोगों ने विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने पूजा दिवस और शोभायात्रा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सामूहिक रूप से संपन्न कराने पर सहमति जताई। निर्णय लिया गया कि आयोजन को लेकर किसी संगठन विशेष की दावेदारी सामने नहीं आएगी और समाज के सभी लोग मिलकर कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
पवन पांचाल और मुकेश धीमान के नाम से ली जाएगी अनुमति
बैठक में यह भी तय हुआ कि इस बार शोभायात्रा की आधिकारिक अनुमति पवन पांचाल विश्वकर्मा और मुकेश धीमान गालिबपुर के नाम से ली जाएगी। हालांकि शोभायात्रा में पूरे विश्वकर्मा समाज की भागीदारी रहेगी और आयोजन को किसी एक व्यक्ति या समूह तक सीमित नहीं रखा जाएगा।
प्रशासन और समाज के लोगों ने इस व्यवस्था के जरिए पुराने मतभेदों को खत्म कर आगे सामूहिक रूप से आयोजन कराने पर जोर दिया।
किसी समिति या संगठन का नाम नहीं होगा प्रदर्शित
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण सहमति इस बात पर बनी कि पूजा दिवस और शोभायात्रा के दौरान किसी भी समिति अथवा संगठन का नाम प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। आयोजन को पूरी तरह भगवान विश्वकर्मा के नाम पर सामूहिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाएगा।
क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू साव ने दोनों पक्षों को विश्वकर्मा चौक परिसर में पहले से लगे सभी होर्डिंग तत्काल हटाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ किया कि पूजा दिवस और शोभायात्रा से संबंधित प्रचार सामग्री में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए, जिससे दोबारा विवाद की स्थिति पैदा हो।
शुभकामना संदेशों में सिर्फ भगवान विश्वकर्मा का चित्र
प्रशासन ने यह भी तय किया कि विश्वकर्मा पूजा दिवस और शोभायात्रा से संबंधित शुभकामना संदेशों में केवल भगवान विश्वकर्मा का चित्र लगाया जाएगा। किसी अन्य व्यक्ति का चित्र अथवा नाम प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आयोजन को किसी व्यक्ति विशेष के प्रचार के बजाय पूरी तरह धार्मिक और सामूहिक स्वरूप देना बताया गया। प्रशासन ने आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू साव और नई मंडी प्रभारी निरीक्षक सहित विश्वकर्मा समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विश्वकर्मा चौक समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश पांचाल, महामंत्री मुकेश धीमान, सचिव देशपाल पांचाल, पवन पांचाल, बिजेंद्र धीमान अंती, मनोज पांचाल विश्वकर्मा, रविंद्र पांचाल, अशोक धीमान, नरेश विश्वकर्मा, मुकेश धीमान गालिबपुर, नरेश पटवारी, सभासद रजत धीमान, नाथीराम धीमान और विपिन धीमान समेत समाज के अन्य प्रमुख लोगों ने बैठक में सहभागिता की।
भाईचारे और सौहार्द के साथ होगा आयोजन
बैठक में सहमति बनने के बाद अब विश्वकर्मा पूजा दिवस और प्रस्तावित शोभायात्रा को लेकर विवाद की स्थिति समाप्त होती नजर आ रही है। प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों ने आयोजन को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर जोर दिया।
नई व्यवस्था के तहत इस बार न किसी संगठन विशेष का बैनर प्रमुख होगा और न ही किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार। भगवान विश्वकर्मा को केंद्र में रखकर पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है।

