मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मक्का की खरीद के लिए 150 क्रय केंद्र स्थापित करने और समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के फैसले पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल मूल्य बढ़ाने से किसानों को लाभ नहीं मिलेगा, जब तक सरकार उनकी फसल की खरीद की गारंटी नहीं देती।

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को जानकारी मिली है, कि बड़ी मात्रा में मक्का बाहर से मंगाई जा रही है, जबकि देश के किसानों के पास पर्याप्त उत्पादन मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को मक्का का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और कई स्थानों पर मक्का 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी बढ़ाने की घोषणा तो कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि मक्का की खरीद कौन करेगा और कब करेगा। टिकैत के अनुसार, गेहूं और धान की तरह मक्का की भी सीमित खरीद होती है, जबकि अधिकांश फसल व्यापारी किसानों से कम कीमत पर खरीद लेते हैं और बाद में एमएसपी पर बेचते हैं।
किसान नेता ने सरकार से एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि यदि सरकार किसानों की फसल खरीदने की गारंटी दे, तो देश के किसान मक्का, गेहूं और अन्य फसलों की पर्याप्त आपूर्ति कर सकते हैं तथा बाहरी खरीद की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
टिकैत ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और फसलों की खरीद की अनिश्चितता के कारण किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आय और खेती बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि 15 से 18 जून तक हरिद्वार में भारतीय किसान यूनियन का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के किसान कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

