मुजफ्फरनगर। क्षेत्र के ग्राम भुम्मा स्थित साधन सहकारी समिति पर यूरिया खाद के वितरण को लेकर भारी हंगामा और अव्यवस्था देखने को मिली। लंबे समय से खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों की भारी भीड़ जैसे ही यूरिया आने की सूचना पर समिति परिसर में पहुंची, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए कतारों में खड़े थे, लेकिन भीड़ बढ़ने के साथ स्थिति नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा, जिससे उनमें गहरा आक्रोश देखने को मिला।

इसी बीच भारतीय किसान यूनियन (राजनीतिक) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक भाटी ने आरोप लगाया कि समिति द्वारा केवल उन्हीं किसानों को यूरिया दी जा रही है जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी है, जबकि अन्य जरूरतमंद किसानों को वापस भेजा जा रहा है।
Mirapur क्षेत्र में किसानों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों में नाम-पते की त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में किसान रजिस्ट्री पूरी नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें खाद से वंचित रहना पड़ रहा है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है और सरकारी यूरिया का एक हिस्सा कथित रूप से निजी दुकानों और अन्य स्थानों पर अवैध रूप से भेजा जा रहा है, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
इस समय फसलों की बढ़वार के लिए यूरिया की अत्यधिक आवश्यकता को देखते हुए किसानों ने चिंता जताई कि समय पर खाद न मिलने से उनकी फसल और मेहनत दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
भाकियू (राजनीतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक भाटी ने जिला कृषि अधिकारी और प्रशासन से मांग की कि समिति पर तुरंत पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराया जाए और छोटे दस्तावेजी त्रुटियों के आधार पर किसानों को खाद से वंचित न किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी तो संगठन आंदोलन और तालाबंदी करने को मजबूर होगा।

