मुजफ्फरनगर। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने मुजफ्फरनगर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के कई प्रमुख मार्ग और चौराहे पानी में डूब गए। इसी जलभराव के बीच एक मेहनतकश डिलीवरी बॉय के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने उसे भावुक कर दिया। डिलीवरी देने जा रहे रामपुरी निवासी विशाल का करीब 45 हजार रुपये कीमत का मोबाइल शिव चौक पर बारिश के पानी में गिर गया। मोबाइल उसने किस्तों पर खरीदा था और अभी तक केवल तीन किस्तें ही जमा कर पाया था।

मोबाइल पानी में गिरने के बाद विशाल काफी देर तक उसे तलाशता रहा। उसने शिव चौक पर जमा गंदे पानी में उतरकर अपने फोन को ढूंढने की पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मोबाइल नहीं मिला। आखिरकार निराश होकर उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

डिलीवरी बॉय के लिए मोबाइल ही रोजी-रोटी का सहारा
विशाल मुजफ्फरनगर के रामपुरी मोहल्ले का रहने वाला बताया जा रहा है और डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है। उसके लिए मोबाइल सिर्फ एक महंगा उपकरण नहीं, बल्कि रोजी-रोटी का जरूरी साधन है। डिलीवरी के दौरान ग्राहकों के पते की जानकारी, फोन कॉल और अन्य जरूरी सूचनाएं उसे मोबाइल के जरिए ही मिलती हैं।
मंगलवार को भी विशाल डिलीवरी लेकर शिव चौक पहुंचा था। तेज बारिश के कारण उस समय सड़क पर काफी पानी जमा था। जलभराव के बीच अचानक उसका मोबाइल हाथ से छूट गया और देखते ही देखते पानी में गिरकर गायब हो गया।
गंदे पानी में काफी देर तक तलाशता रहा फोन
मोबाइल गिरते ही विशाल ने उसे निकालने की कोशिश शुरू कर दी। वह सड़क पर जमा गंदे पानी में उतर गया और हाथों से पानी के भीतर अपना फोन तलाशने लगा। कभी एक तरफ तो कभी दूसरी तरफ वह मोबाइल खोजता रहा।
विशाल को उम्मीद थी कि शायद फोन आसपास ही कहीं पड़ा होगा और उसे मिल जाएगा। लेकिन जलभराव अधिक होने और पानी गंदा होने के कारण फोन का पता नहीं चल सका। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उसकी उम्मीद टूट गई।
आसपास मौजूद लोगों ने भी विशाल की परेशानी देखी, लेकिन पानी की गहराई और गंदगी के कारण मोबाइल ढूंढना आसान नहीं था। अंत में विशाल को खाली हाथ लौटना पड़ा।
45 हजार का फोन, सिर्फ तीन किस्तें चुकाई थीं
विशाल ने बताया कि उसने करीब 45 हजार रुपये की कीमत का मोबाइल किस्तों पर खरीदा था। अब तक वह केवल तीन किस्तें ही जमा कर पाया था, जबकि बाकी किस्तें अभी बाकी हैं।
मोबाइल खोने के बाद उसके सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। एक तरफ डिलीवरी के काम के लिए जरूरी मोबाइल उसके पास नहीं रहा और दूसरी तरफ फोन की बची हुई किस्तें भी उसे चुकानी होंगी।
विशाल का कहना है कि वह डिलीवरी बॉय का काम करके मुश्किल से अपने परिवार का खर्च चलाता है। ऐसे में अचानक 45 हजार रुपये के मोबाइल का नुकसान उसके लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका है। मोबाइल पानी में खोने के बाद वह काफी देर तक परेशान रहा और आखिरकार उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
अब कैसे भरूंगा मोबाइल की किस्तें?
विशाल की सबसे बड़ी चिंता यही है कि मोबाइल तो पानी में चला गया, लेकिन उसकी किस्तें अभी भी बाकी हैं। जिस मोबाइल के जरिए वह अपना काम करता और कमाई करता था, वही अब उसके पास नहीं है। ऐसे में उसके काम पर भी असर पड़ने की आशंका है और किस्तों का बोझ भी बना रहेगा।
भावुक विशाल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके लिए इतना बड़ा आर्थिक नुकसान सहन करना आसान नहीं है। मोबाइल खोने के बाद उसके सामने यही सवाल है कि अब वह बाकी किस्तें कैसे भरेगा और काम के लिए नया मोबाइल कैसे खरीदेगा।
नगर पालिका और प्रशासन से मदद की गुहार
विशाल ने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि शिव चौक पर भारी जलभराव के कारण ही उसका मोबाइल पानी में गिरा। उसने प्रशासन से अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मदद करने की अपील की है।
विशाल ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को जलभराव के दौरान या बाद में उसका मोबाइल कहीं मिले तो उसे वापस करने में सहयोग करें। उसके लिए मोबाइल की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण उससे जुड़ी उसकी रोजी-रोटी है।
जलभराव ने फिर खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद शिव चौक समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव हुआ। सड़कों पर पानी भरने के कारण पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है। इसके बावजूद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था को लेकर अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि जलभराव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि इससे लोगों की संपत्ति, रोजगार और सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
विशाल का मोबाइल पानी में गिरने की घटना इसी समस्या की एक दर्दनाक तस्वीर सामने लाती है। एक मेहनतकश युवक ने अपनी जरूरत और काम के लिए किस्तों पर मोबाइल खरीदा था, लेकिन कुछ ही पलों में वह बारिश के पानी में चला गया। मोबाइल तो खो गया, लेकिन उसकी किस्तों का बोझ अब भी विशाल के कंधों पर है।

