मुजफ्फरनगर। जनपद में वायु प्रदूषण फैलाने वाली और बिना वैध अनुमति के संचालित औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित प्रशासनिक संयुक्त समिति और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शुक्रवार देर रात सूजडू क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तीन औद्योगिक इकाइयों को मौके पर ही सील कर दिया गया। इसके साथ ही संबंधित विभाग के माध्यम से तीनों इकाइयों के बिजली कनेक्शन भी कटवा दिए गए। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित इकाइयों के संचालकों में हड़कंप मच गया।

सूजडू क्षेत्र में औचक निरीक्षण, तीन इकाइयां मिलीं संचालित
प्रशासनिक संयुक्त समिति ने शुक्रवार देर रात सूजडू क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान एमएस स्टील एम्पायर, एमएस गय्यूर और आदिल ट्रेडर्स नाम से संचालित तीन इकाइयों में अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि इन इकाइयों में रोलिंग मिलों से निकलने वाले स्लैग को क्रश करके पाउडर बनाने और उसकी ट्रेडिंग का काम किया जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान टीम ने इकाइयों के संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। प्रशासन के अनुसार, संबंधित इकाइयां वैध अनुमति के बिना संचालित पाई गईं। इसके बाद संयुक्त टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तीनों इकाइयों को बंद करा दिया।
स्लैग क्रशिंग से उड़ रही थी धूल, प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम नहीं
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि स्लैग की क्रशिंग के दौरान बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही थी। इससे आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैलने की आशंका थी। इसके बावजूद इकाइयों में धूल को नियंत्रित करने और प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली।
प्रदूषण नियंत्रण के आवश्यक इंतजामों के अभाव को गंभीरता से लेते हुए टीम ने मौके पर ही कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के दौरान प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन करना जरूरी है। नियमों की अनदेखी कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एनओसी और वैध दस्तावेज भी नहीं दिखा सके संचालक
संयुक्त टीम की जांच में एक अन्य महत्वपूर्ण अनियमितता यह सामने आई कि तीनों इकाइयों के संचालक संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज, अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी अथवा आवश्यक सहमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आवश्यक अनुमति और दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकारियों ने इकाइयों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
प्रशासन ने तीनों इकाइयों के मुख्य द्वार सील कर दिए और उनका संचालन बंद करा दिया। साथ ही बिजली विभाग के माध्यम से उनके विद्युत कनेक्शन भी कटवा दिए गए, ताकि इकाइयों में गतिविधियां जारी न रह सकें।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने की कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त समिति के तहत निरीक्षण और कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता संतोष कुमार, अवर अभियंता राजा गुप्ता और अन्य कर्मचारियों की टीम ने मौके पर जांच करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर भी रहेगी निगरानी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, जनपद में वायु प्रदूषण फैलाने वाली अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। जिन औद्योगिक इकाइयों में निर्धारित नियमों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सूजडू क्षेत्र में तीन इकाइयों को सील करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई को अवैध औद्योगिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि बिना वैध अनुमति और प्रदूषण नियंत्रण की समुचित व्यवस्था के संचालित होने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

