मुजफ्फरनगर। साइबर ठगों ने अब बैंक के क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल कर रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात एक मुख्य आरक्षी को अपना शिकार बनाया है। बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड से 1,28,079 रुपये का अनधिकृत लेनदेन होने का मामला सामने आया है। पीड़ित मुख्य आरक्षी विवेक कुमार का आरोप है कि उन्होंने अभी तक अपना क्रेडिट कार्ड सक्रिय भी नहीं कराया था। इसके बावजूद ठगों ने कार्ड से रकम निकाल ली। आरोप है कि कार्ड सक्रिय कराने के बहाने फोन कर उनसे ओटीपी हासिल किया गया। पीड़ित ने बैंक के किसी संबंधित विभाग या कर्मचारी की मिलीभगत और गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका भी जताई है। सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्रेडिट कार्ड सक्रिय नहीं कराया, फिर भी हो गया लेनदेन

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मुख्य आरक्षी विवेक कुमार पुत्र सत्यदेव मुजफ्फरनगर की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हैं। उनका बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी कॉलोनी, रुड़की रोड शाखा में है। विवेक कुमार ने बताया कि हाल ही में बैंक की ओर से उन्हें क्रेडिट कार्ड का प्रस्ताव मिला था। इसके बाद करीब 28 दिन पहले उन्हें क्रेडिट कार्ड प्राप्त हुआ, लेकिन उन्होंने इसे अभी तक सक्रिय नहीं कराया था।
पीड़ित का कहना है कि कार्ड सक्रिय नहीं होने के कारण उन्होंने उसका कभी इस्तेमाल नहीं किया। कार्ड नंबर, समाप्ति तिथि और सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी उनके और बैंक के पास ही थी। ऐसे में उनके क्रेडिट कार्ड से बिना उनकी जानकारी के 1,28,079 रुपये का लेनदेन होना कई सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी स्तर पर लीक हुई होगी, जिसका फायदा उठाकर साइबर ठगों ने वारदात को अंजाम दिया।
बैंक अधिकारी बनकर किया फोन, ओटीपी हासिल कर उड़ाए रुपये
शिकायत के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:56 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और क्रेडिट कार्ड सक्रिय कराने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने उसने विवेक कुमार से ओटीपी हासिल कर लिया। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 1,28,079 रुपये का अनधिकृत लेनदेन कर लिया गया।
मुख्य आरक्षी ने शिकायत में कहा है कि फोन करने वाले व्यक्ति को उनके नए क्रेडिट कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी पहले से मालूम थी। इसी आधार पर उन्होंने बैंक के किसी संबंधित विभाग या कर्मचारी की मिलीभगत अथवा डेटा लीक होने की आशंका जताई है। हालांकि, फिलहाल बैंक के किसी कर्मचारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ठगों को कार्ड की गोपनीय जानकारी कहां से मिली और रकम किस माध्यम से निकाली गई।
क्रोमा वेबसाइट से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख
पीड़ित ने अपनी शिकायत में क्रेडिट कार्ड से हुई धोखाधड़ी को क्रोमा की वेबसाइट से संबंधित लेनदेन से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कथित ठग का मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। इसके अलावा लेनदेन से संबंधित संदेशों और साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायत की प्रति भी आवेदन के साथ संलग्न करने की बात कही है, ताकि जांच में इन साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा सके।
बैंक को दी सूचना, कार्ड और खाते को कराया ब्लॉक
विवेक कुमार के अनुसार, क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलते ही उन्होंने बैंक को सूचना दी और कार्ड तथा खाते को ब्लॉक कराने की कार्रवाई की, ताकि आगे किसी तरह का गलत इस्तेमाल न हो सके। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर ठगी में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्य आरक्षी की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब अज्ञात कॉलर की पहचान, 1,28,079 रुपये के लेनदेन और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी तक ठगों की पहुंच के बारे में जांच कर रही है। बैंक के किसी कर्मचारी की भूमिका या डेटा लीक होने की आशंका की भी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।

