मुजफ्फरनगर। पुरकाजी कस्बे के खेड़ा दरवाजा मोहल्ले में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक महिला ने मोहल्ले के ही युवक पर अच्छी कंपनी में पैसा निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर कुल 7.25 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक आरोपी ने कुछ रकम वापस करने के बाद शेष राशि लौटाने से इनकार कर दिया और लगातार टालमटोल करता रहा। पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। अदालत के निर्देश पर अब पुरकाजी थाना पुलिस ने नामजद युवक और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मलेशिया में रह रहे पति को फोन कर निवेश का दिया झांसा
खेड़ा दरवाजा मोहल्ला निवासी बीना ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक महिला के पति राजेश मलेशिया में नौकरी करते थे। आरोप है कि दिसंबर 2024 के दौरान मोहल्ले के ही अनिल कुमार पुत्र राजेंद्र ने राजेश से फोन पर संपर्क किया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बातचीत के दौरान अनिल कुमार ने एक कंपनी में रकम निवेश कराने की बात कही और दावा किया कि निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलेगा। महिला के अनुसार आरोपी ने निवेश से संबंधित पूरी जिम्मेदारी खुद लेने का भरोसा दिलाते हुए उसके पति को रकम लगाने के लिए राजी कर लिया।
बीना का कहना है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए उनके पति ने मलेशिया में रहते हुए अनिल कुमार के बैंक खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने और रकम निवेश करने के लिए कहा।
दो बार में 6.25 लाख रुपये नकद देने का आरोप
शिकायत के अनुसार बैंक खाते में एक लाख रुपये भेजे जाने के बाद बीना ने आरोपी को अपने घर से दो अलग-अलग मौकों पर कुल 6.25 लाख रुपये नकद दिए। इनमें पहली बार 1.25 लाख रुपये और दूसरी बार पांच लाख रुपये देने का आरोप लगाया गया है।
महिला ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में दावा किया कि नकद रकम दिए जाने के दौरान मोहल्ले के कुछ लोग मौजूद थे। शिकायत में फकीरचंद के बेटे सन्नी समेत अन्य लोगों को लेनदेन का गवाह बताया गया है। आरोप है कि रकम लेते समय अनिल कुमार ने निवेश की मूल रकम के साथ अच्छा मुनाफा लौटाने का भरोसा दिलाया था।
45 हजार रुपये लौटाने के बाद कथित तौर पर बंद किया भुगतान
पीड़िता के अनुसार रकम लेने के बाद आरोपी ने दो किश्तों में कुल 45 हजार रुपये वापस किए। इसके बाद शेष रकम लौटाने के लिए कहने पर आरोपी कथित तौर पर लगातार टालमटोल करने लगा। महिला का आरोप है कि उसने कई बार अपनी मूल रकम और मुनाफे की राशि वापस मांगी, लेकिन आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में उसे जानकारी हुई कि अनिल कुमार कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर लोगों को निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देता है और उनसे रकम लेने का काम करता है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसएसपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप
बीना के अनुसार उसने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। महिला ने 18 जुलाई 2026 को एसएसपी मुजफ्फरनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं होने पर पीड़िता ने न्यायालय का रुख किया।
महिला ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पूरे मामले की जांच कराने और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देशित करने की मांग की थी।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुरू की जांच
अदालत के आदेश के बाद पुरकाजी थाना पुलिस ने अनिल कुमार और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
जांच के दौरान पुलिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए एक लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड खंगालेगी। इसके अलावा कथित तौर पर मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में दिए गए 6.25 लाख रुपये के नकद भुगतान के संबंध में गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस कथित कंपनी की वास्तविकता, निवेश के नाम पर रकम लेने के तरीके और आरोपी के संपर्क में बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी। विवेचना के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

