मुजफ्फरनगर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, 2.64 लाख नशीली दवाइयों के साथ वांछित तस्कर दबोचा

मुजफ्फरनगर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, 2.64 लाख नशीली दवाइयों के साथ वांछित तस्कर दबोचा

मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध मादक पदार्थों के क्रय विक्रय और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीली दवाइयों के साथ एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ट्रामाडोल के एक लाख 44 हजार नशीले कैप्सूल और एल्प्राजोलम की एक लाख 20 हजार नशीली गोलियां बरामद की हैं। बरामद नशीली दवाइयों की कुल संख्या दो लाख 64 हजार बताई गई है। पुलिस के मुताबिक बरामद दवाइयों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपी के कब्जे से तस्करी में प्रयुक्त बलेनो कार और 3900 रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार अवैध नशीली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने 26 अगस्त को माल रोड पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीन कथित नशीली दवा तस्करों दीपक, कलीम और जुनैद को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 72 हजार नशीले कैप्सूल और 549 नशीले इंजेक्शन बरामद किए थे। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बलेनो कार को भी पुलिस ने कब्जे में लिया था। मामले में थाना सिविल लाइन पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए उनके संपर्कों और नशीली दवाइयों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल शुरू की। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसी आधार पर पुलिस वांछित आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।

राणा चौक के पास फैक्ट्रियों की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी

पुलिस के अनुसार 28 अगस्त को थाना सिविल लाइन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दर्ज मुकदमे में वांछित एक आरोपी राणा चौक के पास फैक्ट्रियों की ओर जाने वाले रास्ते पर मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुफैन उर्फ नबाब पुत्र यूनूस, निवासी मोहल्ला मदरसा चौधरियान, मीरारेती, थाना गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़ के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र करीब 26 वर्ष बताई गई है।

दो लाख 64 हजार नशीली दवाइयां बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की तलाशी और उसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद करने का दावा किया है। आरोपी के पास से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल नशीले कैप्सूल के छह कार्टून मिले, जिनमें कुल एक लाख 44 हजार कैप्सूल बताए गए हैं। इसके अलावा एल्प्राजोलम नशीली गोलियों के दो कार्टून बरामद हुए, जिनमें कुल एक लाख 20 हजार गोलियां थीं।

इस तरह पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से कुल दो लाख 64 हजार नशीली दवाइयां बरामद हुईं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बलेनो कार संख्या यूपी 14 सीवी 2325 और 3900 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नहीं होने वाली दवाइयां ऊंचे दाम पर बेचने का आरोप

थाना सिविल लाइन प्रभारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह दवाइयों की सप्लाई का काम करता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में अमरोहा निवासी एक दवा विक्रेता से अनाधिकृत तरीके से नशीली दवाइयां खरीदने और फिर उन्हें अपने साथी जुनैद, दीपक तथा कलीम को सप्लाई करने की बात बताई है।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य मांग के आधार पर नशीली दवाइयों की सप्लाई करते थे। ऐसी दवाइयां और इंजेक्शन सामान्य तौर पर पंजीकृत चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही बेचे जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि नशे के लिए इन दवाइयों का इस्तेमाल करने वाले युवकों को कई बार मेडिकल स्टोर से दवाइयां नहीं मिल पाती थीं। इसके बाद गिरोह के सदस्य उन्हें ऊंचे दामों पर नशीली दवाइयां उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे।

साथियों के जेल जाने की खबर के बाद छिपाई गई दवाइयां लेने पहुंचा था

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे अपने साथियों जुनैद, कलीम और दीपक की गिरफ्तारी की जानकारी मिल गई थी। तीनों को सिविल लाइन पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद आरोपी मौके पर छिपाकर रखी गई नशीली दवाइयों को लेने के लिए पहुंचा था।

इसी दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिल गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर नशीली दवाइयों के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

सप्लाई के स्रोत से लेकर खरीदारों तक नेटवर्क की तलाश

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां आरोपी तक कहां से पहुंचती थीं। इसके अलावा दवाइयों की सप्लाई किन लोगों को की जाती थी और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

थाना सिविल लाइन प्रभारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी और पहले पकड़े गए आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य नशीली दवाइयों की सप्लाई करने वाले स्रोत से लेकर उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने वाले लोगों की पूरी कड़ी का पता लगाना है। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एनडीपीएस एक्ट में दर्ज है मुकदमा

इस मामले में थाना सिविल लाइन पर मुकदमा संख्या 224/26 धारा 8, 21 और 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और बरामद दवाइयों तथा आरोपियों के आपसी संपर्कों से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा तथा थाना प्रभारी सिविल लाइन इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक हिमांशु शर्मा, स्टेडियम चौकी प्रभारी अरुण चाहर, कांस्टेबल अंकित कुमार, सैनी शर्मा, मोहित कुमार, सुधीर कुमार, श्याम सिंह, याकूब अली, सनी और पंकज भाटी शामिल रहे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर नशीली दवाइयों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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