मुजफ्फरनगर में दिवाली से पहले पुलिस का बड़ा धमाका! 740 किलो अवैध पटाखों की खेप पकड़ी, दो गिरफ्तार; सहारनपुर से मेरठ ले जा रहे थे माल

मुजफ्फरनगर में दिवाली से पहले पुलिस का बड़ा धमाका! 740 किलो अवैध पटाखों की खेप पकड़ी, दो गिरफ्तार; सहारनपुर से मेरठ ले जा रहे थे माल

मुजफ्फरनगर। दीपावली से पहले जिले में अवैध पटाखों के भंडारण, परिवहन और खरीद-बिक्री के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत छपार थाना पुलिस ने खामपुर मार्ग पर चेकिंग के दौरान पटाखों की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने दो महिंद्रा वाहनों से करीब 740 किलोग्राम पटाखे बरामद करते हुए सहारनपुर निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बरामद पटाखे 34 कार्टूनों में रखे हुए थे और वाहनों में तिरपाल से ढककर ले जाए जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पटाखे सहारनपुर से खरीदकर लाए थे और उन्हें मेरठ में बेचने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। त्योहार से पहले इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों की बरामदगी को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

मुखबिर की सूचना पर खामपुर मार्ग पर घेराबंदी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर को छपार थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो वाहनों में बड़ी मात्रा में पटाखे भरकर बिक्री के लिए ले जाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खामपुर मार्ग पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

इसी दौरान खामपुर की ओर से आते दो संदिग्ध वाहन दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकवाकर तलाशी ली तो उनके अंदर बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर उनमें सवार युवकों को हिरासत में ले लिया।

महिंद्रा सुपरो से 323 किलो और पिकअप से 417 किलो पटाखे बरामद

पुलिस की तलाशी में महिंद्रा सुपरो वाहन से 16 कार्टूनों में रखे 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए। वहीं, दूसरे महिंद्रा पिकअप वाहन से 18 कार्टूनों में रखे 417 किलोग्राम पटाखे मिले।

दोनों वाहनों से कुल 34 कार्टूनों में करीब 740 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए। पटाखों को वाहनों में तिरपाल से ढककर रखा गया था। पुलिस अब बरामद पटाखों के स्रोत और उनकी आपूर्ति से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।

सहारनपुर से खरीदकर मेरठ में बेचने की थी तैयारी

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सहारनपुर से पटाखे खरीदकर मेरठ में बेचने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों के पास पटाखों के परिवहन और बिक्री से संबंधित आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं था।

दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के कारण अवैध रूप से इनकी खरीद-बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में की गई चेकिंग के दौरान यह खेप पकड़ी गई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखे किस स्थान से खरीदे गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

छपार थाना पुलिस ने मामले में मुकदमा अपराध संख्या 219/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1884 की धारा 5/9(बी)(1)(ए) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, बरामद पटाखों और दोनों वाहनों के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले की जांच के दौरान पटाखों की खरीद, परिवहन और प्रस्तावित बिक्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सजल शर्मा पुत्र गोपाल कृष्ण शर्मा, निवासी शारदा नगर, सहारनपुर और धर्मेंद्र पुत्र राजेश कुमार, निवासी हसनपुर चुंगी, दिल्ली रोड, सहारनपुर के रूप में की है।

दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से पटाखों का परिवहन और बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई। छपार थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनुराग सिंह, उपनिरीक्षक शुभम चौहान और पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने चेकिंग अभियान के दौरान दोनों वाहनों को पकड़ने में भूमिका निभाई।

दीपावली से पहले पटाखों की अवैध खरीद-बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब बरामद पटाखों के स्रोत और उनकी आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

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