मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र के ग्राम मुस्तफाबाद में दिनदहाड़े ई-रिक्शा चोरी होने का मामला सामने आया है। घर के पास ई-रिक्शा खड़ी कर खाना खाने गए चालक को जब कुछ देर बाद वापस लौटने पर अपना वाहन नहीं मिला तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित के मुताबिक, चोर महज 15 से 20 मिनट के भीतर उसकी करीब एक लाख रुपये कीमत की ई-रिक्शा चोरी कर ले गए। वाहन चोरी होने से मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले दिलबर पुत्र अशफाक के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित का दावा है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के चेहरे कैद हुए हैं। उसने घटना के तुरंत बाद पुलिस चौकी टीपी नगर पर सूचना देने की बात भी कही है। इसके बावजूद ई-रिक्शा का पता नहीं चलने पर उसने दोबारा शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। नौ अक्टूबर 2026 को थाना नई मंडी पुलिस ने उसकी लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अब चोरी की घटना से जुड़े तथ्यों और वाहन की बरामदगी के संबंध में कार्रवाई कर रही है।

घर के पास खड़ी की ई-रिक्शा, खाना खाकर लौटा तो गायब मिली
ग्राम मुस्तफाबाद निवासी दिलबर पुत्र अशफाक ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसकी रोजाना की कमाई का प्रमुख साधन यही ई-रिक्शा है। पीड़ित के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को दोपहर करीब एक बजकर 20 मिनट पर उसने अपनी ई-रिक्शा घर के पास खड़ी की थी। इसके बाद वह खाना खाने के लिए घर के अंदर चला गया।

दिलबर का कहना है कि वह करीब 15 से 20 मिनट बाद वापस बाहर आया तो ई-रिक्शा अपनी जगह से गायब थी। अचानक वाहन गायब मिलने पर उसने आसपास के क्षेत्र में तलाश की और लोगों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उसे आशंका हुई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी ई-रिक्शा चोरी कर ले गया है।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से पीड़ित परेशान है। उसका कहना है कि वाहन चोरी होने से उसकी कमाई का मुख्य जरिया छिन गया है और परिवार के रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
एक लाख रुपये कीमत की ई-रिक्शा चोरी होने से आजीविका पर संकट
पीड़ित दिलबर के मुताबिक, चोरी हुई ई-रिक्शा की बाजार कीमत करीब एक लाख रुपये है। वह इसी वाहन को चलाकर अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी का इंतजाम करता था। ई-रिक्शा के चोरी हो जाने से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और आगे की कमाई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, चोरी हुई ई-रिक्शा गहरे नीले रंग की है। यह वर्ष 2023 का मॉडल है और इसका पंजीकरण नंबर यूपी 12 सीटी 0552 बताया गया है। पीड़ित ने पुलिस से वाहन की पहचान कर उसे जल्द बरामद कराने की मांग की है।
दिलबर का कहना है कि यदि उसकी ई-रिक्शा बरामद हो जाती है तो वह दोबारा काम शुरू कर सकेगा और परिवार का खर्च चलाने में उसे राहत मिलेगी। फिलहाल वाहन चोरी होने के कारण उसकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के कैद होने का दावा
ई-रिक्शा चोरी के इस मामले में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है। पीड़ित दिलबर का दावा है कि घटना से संबंधित कैमरों की रिकॉर्डिंग में संदिग्धों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं। उसने पुलिस से फुटेज की जांच कर संदिग्धों की पहचान करने और चोरी की गई ई-रिक्शा बरामद करने की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की गंभीरता से जांच की जाए तो घटना से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और चोरी की घटना में उनकी कथित संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता, उसमें दिखाई देने वाले संदिग्धों और चोरी हुए वाहन की तलाश से जुड़े तथ्यों की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।
टीपी नगर पुलिस चौकी पर दी थी सूचना, नौ अक्टूबर को दर्ज हुआ मुकदमा
दिलबर का कहना है कि ई-रिक्शा चोरी होने के तुरंत बाद उसने पुलिस चौकी टीपी नगर पहुंचकर घटना की जानकारी दी थी। उसने संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराने की बात कही। इसके बावजूद वाहन का पता नहीं चलने पर उसने थाना नई मंडी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित के अनुसार, नौ अक्टूबर 2026 को उसने थाना नई मंडी पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की जांच करते हुए चोरी की घटना से संबंधित तथ्यों का पता लगाने और ई-रिक्शा की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
दिलबर ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि चोरी हुई ई-रिक्शा वापस मिल सके और वह दोबारा अपना काम शुरू कर पाए।
पीड़ित के लिए ई-रिक्शा की बरामदगी सिर्फ वाहन वापस मिलने का मामला नहीं है, बल्कि उसके परिवार की आजीविका से जुड़ा सवाल भी है। अब उसे उम्मीद है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध सुरागों के आधार पर मामले का खुलासा करेगी और उसकी ई-रिक्शा बरामद कराएगी।

