मुजफ्फरनगर में डेंगू का बढ़ता डंक! 5 नए मरीज मिले, कुल संख्या 25 पहुंची

मुजफ्फरनगर में डेंगू का बढ़ता डंक! 5 नए मरीज मिले, कुल संख्या 25 पहुंची

मुजफ्फरनगर। जनपद में डेंगू संक्रमण के मामले लगातार सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बुखार से पीड़ित पांच और लोगों की जांच रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आने के बाद जिले में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 25 हो गई है। नए संक्रमितों में तीन महिलाएं शामिल हैं। क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो चार मरीज शहरी क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि एक मरीज बघरा क्षेत्र से सामने आया है। शहरी क्षेत्र में संक्रमितों की अधिक संख्या मिलने के कारण यहां डेंगू की रोकथाम और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।

डेंगू के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को चिह्नित कर उन्हें समाप्त करने की कार्रवाई कराई जा रही है। विभागीय स्तर पर मरीजों की पहचान, उपचार और संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, बुखार के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को भी सावधानी बरतने और घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान देना जरूरी है, जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है और मच्छरों को पनपने का अवसर मिलता है।

पांच नए मरीजों में तीन महिलाएं शामिल

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डेंगू से संक्रमित पाए गए पांच नए मरीजों में तीन महिलाएं हैं। नए मामलों में चार मरीज शहरी क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि एक मरीज बघरा क्षेत्र का निवासी है। जिले में शहरी क्षेत्र से लगातार मरीज मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर निगरानी और बचाव के उपायों को प्रभावी बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

डेंगू का संक्रमण फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में भी पनप सकते हैं। ऐसे में घरों की छतों, गमलों, कूलरों, पुराने टायरों, खाली बर्तनों और पानी जमा करने वाले अन्य पात्रों की नियमित सफाई जरूरी है। इन स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। समय रहते ऐसे स्थानों की पहचान कर पानी हटाने और उनकी सफाई करने से मच्छरों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

नए मरीजों के सामने आने के बाद लोगों को बुखार के प्रति लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी जा रही है। बुखार होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना और आवश्यकता के अनुसार जांच कराना महत्वपूर्ण है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान हो सके और मरीज को उचित उपचार मिल सके।

जिला अस्पताल में तीन मरीज भर्ती

डेंगू पॉजिटिव पाए गए पांच नए मरीजों में से तीन मरीज स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। अन्य मरीजों के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नए संक्रमितों में शहरी क्षेत्र और बघरा क्षेत्र के निवासी शामिल हैं।

जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या 25 तक पहुंचने के बाद मरीजों की निगरानी और समय पर उपचार की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमित मरीजों की पहचान करने के साथ उन क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने की चुनौती भी है, जहां से लगातार मामले सामने आ रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में चार नए मरीज मिलने के कारण घरों और आसपास के स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी है। घनी आबादी वाले इलाकों में यदि पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई नहीं की जाती है, तो मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जागरूकता और लोगों की भागीदारी संक्रमण की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकती है।

संक्रमितों के घरों पर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई

डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई कराई गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन स्थानों को चिह्नित करना और समाप्त करना है, जहां पानी जमा होने के कारण डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है।

एपीडिमियोलॉजिस्ट डॉ. शमशेर आलम ने बताया कि डेंगू पॉजिटिव पाए गए मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सोर्स रिडक्शन के तहत घरों और आसपास जमा पानी की जांच करना, अनावश्यक रूप से पानी रखने वाले पात्रों को खाली कराना और मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को समाप्त करना शामिल है। घरों की छतों पर रखे पुराने बर्तन, गमले, खाली डिब्बे, टायर और अन्य सामान में बारिश या घरेलू उपयोग का पानी जमा हो सकता है। इसके अलावा कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने पर भी मच्छरों को पनपने का अवसर मिल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर और आसपास पानी जमा होने से रोकने के उपाय अपनाए, तो मच्छरों के प्रजनन स्थलों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए नियमित सफाई, पानी के पात्रों को ढककर रखना और कूलर का पानी समय-समय पर बदलना जरूरी है।

बुखार होने पर जांच और उपचार में न करें देरी

डेंगू के मामलों के बीच बुखार होने पर उसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। बुखार आने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। खासकर यदि बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो चिकित्सा सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

डेंगू के कुछ मरीजों में गंभीर लक्षण भी विकसित हो सकते हैं। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, असामान्य सुस्ती, बेचैनी या अत्यधिक कमजोरी जैसे संकेत दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं डेंगू के दौरान रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।

विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, बुखार के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। मरीज की स्थिति बिगड़ने पर घर पर ही उपचार करते रहने के बजाय अस्पताल में जांच और उपचार कराना चाहिए।

घरों के आसपास सफाई से कम हो सकता है संक्रमण का खतरा

डेंगू की रोकथाम के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। लोगों को भी अपने घरों, गलियों और आसपास के खाली स्थानों में साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है। पानी जमा करने वाले बर्तनों को ढककर रखना चाहिए और कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना चाहिए। पानी की टंकियों को अच्छी तरह ढककर रखने के साथ छतों और आंगन में जमा पानी को भी हटाना चाहिए।

कबाड़ में पड़े पुराने टायर, प्लास्टिक के डिब्बे और अनुपयोगी बर्तन भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकते हैं। ऐसे सामान को खुले में इस तरह नहीं रखना चाहिए कि उनमें पानी जमा हो सके। घर के आसपास नालियों और जलभराव वाले स्थानों की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।

जिले में डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या 25 पहुंचने के बाद आने वाले दिनों में संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी, समय पर जांच, मरीजों के उपचार और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नागरिकों की सतर्कता और सहभागिता भी जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतने, बुखार होने पर जांच कराने और आसपास सफाई बनाए रखने से संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *