मुजफ्फरनगर। सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की घटना और मुजफ्फरनगर में एसएसपी आवास के समीप वर्ष 2013 के दंगों से जुड़े विवादित पोस्टर लगाए जाने के बाद जिला पुलिस-प्रशासन ने शुक्रवार की जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया गया है। पुलिस ने जिले को 4 सुपर जोन, 9 जोन और 22 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की है।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और सभी राजपत्रित अधिकारियों तथा थाना प्रभारियों को तड़के से ही अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

17 क्यूआरटी रहेंगी मुस्तैद
किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटने के लिए जिले में 17 क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी क्यूआरटी तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को तत्काल संबंधित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त भी बढ़ा दी है। धार्मिक स्थलों और ऐसे स्थानों को विशेष निगरानी में रखा गया है, जहां भीड़ अधिक जुटने की संभावना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।
धर्मगुरुओं और जिम्मेदार लोगों से संवाद
पुलिस अधिकारियों ने धर्मगुरुओं और समाज के जिम्मेदार लोगों के साथ संवाद स्थापित कर शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और बिना सत्यापन किसी संदेश या वीडियो को आगे न बढ़ाएं।
पुलिस का जोर इस बात पर है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी स्तर पर शांति व्यवस्था प्रभावित न होने पाए।
नए रंगरूटों से लेकर नाइट पिकेट तक को अलर्ट
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को विशेष रूप से नए भर्ती हुए पुलिसकर्मियों और रात में पिकेट ड्यूटी करने वाले जवानों को क्षेत्र की संवेदनशीलता के बारे में ब्रीफ करने के निर्देश दिए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अपने आचरण, भीड़ की स्थिति और किसी भी छोटी घटना के बड़े रूप लेने की संभावना को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें और स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखें। किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने के निर्देश हैं।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
पुलिस प्रशासन की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी संवेदनशील पोस्ट को बिना पुष्टि के साझा न करें। पुलिस ऐसे मामलों पर भी नजर रख रही है, जिनसे जिले का माहौल प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।
फिलहाल जिले में पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। 4 सुपर जोन, 9 जोन, 22 सेक्टर और 17 क्यूआरटी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोकना है।

