मुजफ्फरनगर। जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग को नया नेतृत्व मिल गया है। अक्षय प्रधान ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अक्षय प्रधान खाद्य सुरक्षा विभाग में लंबा प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे फर्रुखाबाद में दो वर्ष और अलीगढ़ में छह वर्ष तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने आम लोगों से भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि खुले में बिकने वाले जूस और अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि इनमें मिलावट और स्वच्छता संबंधी खामियों की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन में तेल, नमक और चीनी का सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए, क्योंकि इनका अत्यधिक सेवन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि विभाग पूरे जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाएगा और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग आम नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा करता है। यदि किसी को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना विभाग को दें, ताकि तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से मुजफ्फरनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग नकली पनीर, मावा और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। इसके अलावा कई होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों में खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री मिलने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई थी। ऐसे में नए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान और तेज होगा तथा लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

